डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।शहर के बहुप्रचारित ड्रीम प्रोजेक्ट सड़क चौड़ीकरण ने जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। लापरवाही का आलम यह है कि जिस कार्य को एक्सपर्ट महज 6 दिन में पूरा करने योग्य बताते हैं, उसमें ठेकेदार ने 547 दिन में भी केवल 95खंभे ही लगाए हैं।
इस सुस्त रफ्तार का खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क चौड़ीकरण के चलते बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पिछले डेढ़ साल में शहरवासियों को 100 घंटे से ज्यादा बिजली गुल रहने का दंश झेलना पड़ा है। हालात इतने खराब हैं कि 43 डिग्री सेल्सियस तापमान में लोग 6-6 घंटे तक बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि विकास के नाम पर उन्हें सिर्फ तकलीफ मिली है। एक-एक खंभे लगाने में हफ्तों लग रहे हैं। क्या यही है ड्रीम प्रोजेक्ट?” – नाराजगी जताते हुए बोले।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत और कुप्रबंधन का उदाहरण है। बिना समन्वय और योजना के काम शुरू करना, फिर धीमी गति से उसे खींचते जाना – यह प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े करता है।
*क्या कहते हैं एक्सपर्ट?*
रिटायर्ड ई जी. आर. पाण्डेय ने बताया कि “अगर संसाधन और मैनपावर सही तरीके से लगाया जाता तो ये काम एक हफ्ते से ज्यादा नहीं लगता। ये तो सीधी-सी बात है – या तो लापरवाही है या भ्रष्टाचार।”
सवाल यह है कि इतने लंबे समय तक परियोजना अधूरी रहने पर जिम्मेदारों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही।
*ये हुआ है काम*
चार टांसफार्मर लगाए गए । इसमें ग्रामीण बैंक के सामने, शनि मंदिर,गेस्ट हाउस, नगर पंचायत है। इसके अलावा 40 खंभों का शिफ्टिंग किया गया और 55 खंभे नए लगाए गए।
*अधिकारी नहीं ले रहे जिम्मेवारी*
एजी खबर ने जब पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुनील कुमार से बातचीत की उन्होंने खंभों के लिए संपूर्ण राशि का हस्तांतरण की बात कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया वहीं दूसरी ओर ई एंड एम विभाग के सब इंजीनियर एम ठाकुर से बातचीत की गई तो उन्होंने सही समय पर शटडाउन ना मिलने की बात कही। वहीं दूसरी ओर सी एस पी डी सी एल के जे. ई. पिस्दा ने कहा कि ठेकेदार विभाग के मांग पर समय-समय पर शटडाउन किया जाता है।
*ठेकेदार अधिकारियों की मौज जनता गर्मी से परेशान*
इस रवैया से जनता ही पीस रही है और अधिकारी और ठेकेदार की मौज है। 43 डिग्री की भीषण गर्मी में 6 से 8 घंटे तक गर्मी का आम जनता को सामना करना पड़ रहा है।
ई एंड एम और सी एस पी डी सी एल को पूर्व में ही राशि ट्रांसफर कर दी गई है।ये कार्य उनके अंतर्गत आता है।
सुनील कुमार चौरसिया
एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पी डब्ल्यू डी राजनांदगांव
डेढ़ साल के अंतराल में करीब 55 नए और 40 खंभे शिफ्टिंग वाले लगाए गए हैं। इसमें उक्त समय के अनुसार 100 घंटों का शटडाउन किया गया है।
टी डी पिस्दा
जे ई ,सी एस पी डी सी एल डोंगरगांव
पांच लाख 28 हजार की राशि सी. एस. पी. डी.सी.एल. को सुपर विजन के लिए हस्तांतरण किया गया है। उक्त शिफ्टिंग में देर होने का कारण ये है कि हमें कभी भी निरंतर शटडाउन नहीं मिला है। लगातार मिलने पर कार्य जल्द हो जाता।
एम ठाकुर
सब इंजीनियर ,ई एंड एम, राजनांदगांव





