कवर्धा। सतनामी समाज के खिलाफ सोशल मीडिया पर भड़काऊ टिप्पणी करने और एक महिला की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर अशोभनीय पोस्ट डालने वाले आरोपी को कबीरधाम पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी कई दिनों से पुलिस की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर उसे पकड़ने में सफलता मिली। जानकारी के अनुसार, ग्राम भिभौरी निवासी एक महिला ने थाना लोहारा में शिकायत दर्ज कराई थी कि मोबाइल नंबर 7058432636 धारक ने उनकी इंस्टाग्राम आईडी का पासवर्ड हासिल कर लिया और उसके माध्यम से समाज विशेष के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी पोस्ट की। इसके अलावा आरोपी ने महिला के फोटो पर अशोभनीय और आपत्तिजनक शब्द लिखकर उसे ऑनलाइन अपलोड किया। इस गंभीर शिकायत को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने बीएनएस की धारा 296, 299, 352 और आईटी एक्ट की धारा 65 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। इस मामले में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल और पंकज पटेल, एसडीओपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में लोहारा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा की अगुवाई में विशेष टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी निगरानी, मोबाइल लोकेशन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू की। टीम ने काफी जांच-पड़ताल के बाद नागपुर में आरोपी सागर बारा पात्रे (35 वर्ष), निवासी लकड़गंज को उसकी सकुनत पर पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने महिला की इंस्टाग्राम आईडी हैक कर भड़काऊ और अशोभनीय पोस्ट करने की बात स्वीकार की। आरोपी के कब्जे से पुलिस ने एक मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिससे भड़काऊ पोस्ट और हैकिंग की पुष्टि हुई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। इस कार्रवाई से न केवल सतनामी समाज और शिकायतकर्ता महिला को न्याय की उम्मीद मिली है, बल्कि सोशल मीडिया पर अपराध रोकने के प्रति पुलिस की गंभीरता भी स्पष्ट हुई। इस कार्रवाई के बारे में पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग और किसी की निजी जानकारी को हैक करना गंभीर अपराध है। उन्होंने जनता से अपील की कि किसी भी आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट को साझा न करें और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना पुलिस को दें। मामले में पुलिस की तत्परता, तकनीकी निगरानी और टीमवर्क की बदौलत आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का जुलूस निकाला और यह संदेश दिया कि किसी भी तरह के डिजिटल अपराध को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।





