Tuesday, February 24, 2026
More

    सीजी ब्रेकिंग: सौम्या चौरसिया को कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) द्वारा प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार सौम्या चौरसिया को रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आज कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इससे पहले बुधवार को ईओडब्ल्यू ने कोर्ट में सौम्या चौरसिया के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट का आवेदन किया था, जिसके बाद उन्हें तीन दिन की रिमांड पर भेजा गया था। इस दौरान जांच एजेंसी ने उनसे गहन पूछताछ की।शुक्रवार को उन्हें फिर से पेश किया गया, जहां से सौम्या को 30 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया। गौरतलब है कि इस शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के बाद ईओडब्ल्यू द्वारा गिरफ्तारी की आशंका के चलते सौम्या चौरसिया ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। 8 जनवरी को हुई सुनवाई में राज्य शासन ने पक्ष रखने के लिए समय मांगा, और 15 जनवरी को पक्ष रखने के बाद हाईकोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

    शराब घोटाले का संक्षिप्त विवरण

    छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान 2019 से 2023 तक शराब नीति को बदलकर चहेते सप्लायरों के माध्यम से घोटाले को अंजाम दिया गया। लाइसेंस की शर्तें इस तरह रखी गईं कि केवल चहेती कंपनियों को लाभ मिल सके। इन कंपनियों ने नकली होलोग्राम और सील बनवाई, जिसे नोएडा की एक कंपनी ने तैयार किया। इसके बाद नकली होलोग्राम वाली शराब सरकारी दुकानों के माध्यम से बिक्री के लिए भेजी गई। नकली होलोग्राम के कारण शराब की बिक्री की वास्तविक जानकारी शासन तक नहीं पहुँच पाई और बिना एक्साइज टैक्स के बिक्री जारी रही। इस तरह शासन को 2165 करोड़ रुपये के टैक्स का चूना लगाया गया। कथित तौर पर यह राशि कांग्रेस भवन निर्माण से लेकर नेताओं, अधिकारियों और मंत्रियों तक वितरित की गई।

    अब तक गिरफ्तारी

    इस घोटाले में अब तक कई प्रमुख व्यक्तियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें शामिल हैं:

    • पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा
    • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल
    • पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा
    • एजाज ढेबर के भाई अनवर ढेबर

    इसके अतिरिक्त आबकारी विभाग के 28 अधिकारी भी आरोपी बनाए गए थे, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।

    EOW की कार्रवाई

    ईओडब्ल्यू ने शराब घोटाले की जांच के दौरान सौम्या चौरसिया से गहन पूछताछ की। एजेंसी ने अब तक की जांच में कई अहम दस्तावेज, लेन-देन के रिकॉर्ड और संबंधित कंपनियों के वित्तीय रिकार्ड्स को जब्त किया है। इससे पता चलता है कि शराब की बिक्री और टैक्स चोरी की योजना व्यापक पैमाने पर आयोजित की गई थी। सौम्या चौरसिया की गिरफ्तारी और 14 दिन की न्यायिक रिमांड से ईओडब्ल्यू को आगे की जांच, दस्तावेजों की जांच और अन्य आरोपियों के खिलाफ सबूत जुटाने में मदद मिलेगी। यह कार्रवाई राज्य सरकार और जांच एजेंसियों की शराब घोटाले में सख्त रुख को दर्शाती है। छत्तीसगढ़ की जनता इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है, और शराब घोटाले के सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है। EOW का दावा है कि अगले चरण में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे नेटवर्क की तह तक जांच की जाएगी।

    Hot Topics

    Related Articles

    error: Content is protected !!