नफीशा सिद्दिक बड़गुजर ने वार्डवासियों संग लगाए सर्वाधिक आवेदन, मूलभूत समस्याएं उठाईं
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी )|कलेक्टर के निर्देशानुसार नगर पंचायत डोंगरगांव में 22 दिसंबर 2025 को सुशासन सप्ताह अभियान के तहत एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण बताया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर यह अभियान आवेदन संग्रह तक सीमित नजर आया।

शिविर में कुल 514 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें सर्वाधिक आवेदन पट्टा (भूमि अधिकार) से जुड़े रहे। इसके साथ ही नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 08 की पार्षद नफीशा सिद्दिक बड़गुजर ने अपने वार्डवासियों के साथ मिलकर सबसे अधिक आवेदन लगाए। इन आवेदनों में क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
मूलभूत सुविधाओं को लेकर अलग-अलग आवेदन
पार्षद नफीशा सिद्दिक बड़गुजर द्वारा प्रस्तुत आवेदनों में टीन शेड (टीन सेट) निर्माण, सड़क निर्माण, प्रकाश व्यवस्था, नाली निर्माण, सार्वजनिक सुविधाओं के विकास जैसी अनेक जनहित से जुड़ी समस्याओं को पृथक-पृथक आवेदनों के माध्यम से शिविर में रखा गया।
स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं को लेकर प्रशासनिक दफ्तरों के चक्कर लगाए जा रहे थे, लेकिन समाधान नहीं हो पाया। सुशासन सप्ताह शिविर को लेकर उम्मीद जगी थी, परंतु अब निराकरण की गति धीमी होने से निराशा बढ़ रही है।
राजस्व विभाग पर सबसे ज्यादा दबाव
सूत्रों के अनुसार शिविर में आए अधिकांश आवेदक पट्टा, नामांतरण और भूमि विवाद से जुड़े थे, लेकिन राजस्व विभाग में त्वरित निराकरण नहीं हो सका।
कई विभागों में निराकरण शून्य
विद्युत विभाग से 8, महिला एवं बाल विकास विभाग से 8, पदमा गैस एजेंसी से 10, खाद्य विभाग से 2 और लोक निर्माण विभाग से 1 आवेदन आए। इनमें केवल पदमा गैस एजेंसी के 2 मामलों का ही निराकरण हुआ, जबकि अधिकांश विभागों में स्थिति शून्य रही।
उद्देश्य पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुशासन सप्ताह का मकसद केवल आवेदन लेना नहीं, बल्कि समयबद्ध समाधान देना है। एक दिवसीय शिविर लगाकर जिम्मेदारी निभा लेना आमजन के साथ न्याय नहीं है।
प्रशासन का पक्ष
नगर पंचायत के नोडल अधिकारी ने बताया कि सभी आवेदनों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है और शीघ्र निराकरण की प्रक्रिया की जाएगी।
जनता की मांग
- पट्टा मामलों के लिए विशेष शिविर
- मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों की प्राथमिकता सूची
- निराकरण की स्पष्ट समय-सीमा





