सूरत में होगा सफाई व्यवस्था और अपशिष्ट प्रबंधन का अध्ययन
रायपुर।राज्य की सभी 55 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार सूरत के अध्ययन भ्रमण पर जा रहे हैं। तीन दिवसीय प्रवास के दौरान वे सूरत नगर निगम की सफाई व्यवस्था, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी नवाचारों का अवलोकन करेंगे।
अध्ययन यात्रा के पहले बैच में 28 नगर पालिकाओं के अध्यक्ष और सीएमओ 28 से 30 अगस्त तक सूरत में रहेंगे, जबकि दूसरा बैच 1 से 3 सितम्बर तक स्वच्छता प्रबंधन की बारीकियों को सीखेगा। इस दौरान प्रतिभागी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों से संवाद कर अपने-अपने नगरों को स्वच्छ व सुंदर बनाने की रणनीति तैयार करेंगे।
इंदौर से सूरत तक सीखने की परंपरा
इससे पहले जून माह में राज्य के 14 नगर निगमों के महापौर और आयुक्त इंदौर के अध्ययन भ्रमण पर गए थे। उनके अनुभव साझा करने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने मैराथन कार्यशाला आयोजित की थी। उसमें इंदौर की बेस्ट प्रैक्टिसेस को छत्तीसगढ़ के नगर निगमों में लागू करने पर मंथन हुआ और कई नगर निगमों ने इन्हें अमल में भी लाना शुरू कर दिया है।
सूरत मॉडल का होगा अवलोकन
सूरत में प्रतिनिधिमंडल एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मॉडल देखेगा, जिसमें –
- घर-घर अपशिष्ट संग्रहण,
- स्रोत-स्तरीय पृथक्करण,
- स्मार्ट ट्रांसफर स्टेशन,
- अपशिष्ट प्रोसेसिंग यूनिट,
जीपीएस आधारित वाहन प्रणाली और आईसीसीसी (इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) से निगरानी शामिल हैं।
इसके साथ ही प्रतिभागी सर्कुलर इकोनॉमी और वेस्ट-टू-वेल्थ की पहल, बायोमाइनिंग, लैंडफिल प्रबंधन, आरआरआर केंद्रों तथा शून्य अपशिष्ट अभियान का अध्ययन करेंगे।
स्थायी व सहभागी मॉडल की ओर कदम
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि अध्ययन भ्रमण से नगर पालिकाओं को स्थायी, सहभागी और नवाचारयुक्त अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित करने में मदद मिलेगी। इंदौर की तरह ही सूरत का अनुभव नगर निकायों की कार्यशैली को नई दिशा देगा।





