स्व-सहायता समूह की दीदियों के हुनर को मिला बाजार, कलेक्ट्रेट परिसर में सजा आकर्षक स्टॉल

  • सेवा संकल्प अभियान के तहत स्थानीय उत्पादों को मिला मंच, महिला उद्यमिता और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

बीजापुर 06 अक्टूबर 2026- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके द्वारा तैयार स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला कलेक्ट्रेट परिसर में स्व-सहायता समूह की दीदियों द्वारा निर्मित विभिन्न स्थानीय एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों का आकर्षक स्टॉल लगाया गया।

स्टॉल में स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा अपने हुनर, मेहनत और स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों को प्रदर्शित किया गया। कलेक्ट्रेट में आने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों ने स्टॉल का अवलोकन कर समूह की दीदियों द्वारा तैयार उत्पादों की सराहना की। इस पहल के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का अवसर भी उपलब्ध हुआ।

*महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़ने की पहल*

स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं आज केवल बचत और ऋण गतिविधियों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़कर उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। कलेक्ट्रेट परिसर में लगाए गए स्टॉल ने महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे संवाद करने और बाजार की मांग को समझने का अवसर प्रदान किया। इस पहल का प्रमुख उद्देश्य स्व-सहायता समूह की महिलाओं के हुनर और मेहनत को पहचान दिलाने के साथ उनके द्वारा निर्मित उत्पादों की बाजार तक पहुंच बढ़ाना है। स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को प्रोत्साहन मिलने से समूह की महिलाओं के लिए नियमित आय के नए अवसर विकसित होंगे और उनका आर्थिक सशक्तिकरण भी मजबूत होगा।

*स्थानीय उत्पादों को पहचान, दीदियों को आय के नए अवसर*

स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और महिलाओं के कौशल का परिणाम हैं। ऐसे उत्पादों को शासकीय कार्यालयों, स्थानीय आयोजनों, मेलों एवं अन्य सार्वजनिक मंचों के माध्यम से प्रदर्शित करने से उनकी पहचान बढ़ने के साथ बिक्री की संभावनाएं भी बढ़ती हैं। स्टॉल के माध्यम से समूह की दीदियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए एक प्रभावी मंच मिला। साथ ही उपभोक्ताओं को भी स्थानीय स्तर पर निर्मित गुणवत्तापूर्ण उत्पादों से परिचित होने और उन्हें खरीदकर ग्रामीण महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करने का अवसर मिला।

*स्वरोजगार से मजबूत हो रही ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता*

सेवा संकल्प अभियान के तहत किए जा रहे ऐसे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार एवं आजीविका के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। स्व-सहायता समूह महिलाओं को संगठित कर उनकी आर्थिक गतिविधियों को विस्तार देने, कौशल को आजीविका में बदलने और परिवार की आय में भागीदारी बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।

कलेक्ट्रेट परिसर में लगाया गया यह स्टॉल इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जहां “महिलाओं के हुनर को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ाने” की संकल्पना साकार होती दिखाई दी। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलने से जहां समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत होंगी, वहीं उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध हों, ताकि ग्रामीण महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर अपने परिवार और क्षेत्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।

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