आईटीबीपी के जवान तैनात, 2 एसओ और 8 कांस्टेबल रहेंगे मुस्तैद
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)। होली पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने पुलिस ने सख्ती का संकेत दे दिया है। सोमवार को डोंगरगांव, घुमका और गेंदाटोला थानों के 24 चिन्हित गुंडा-बदमाशों को थाने में तलब कर परेड कराई गई।
एसडीओपी मंजू लता बाज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, हुड़दंग या शांति भंग की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तीनों थानों के आरोपियों को कड़ी समझाइश दी गई और मौके पर अपराध न करने की शपथ भी दिलाई गई। पुलिस ने दो टूक कहा कि यदि किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो सीधे सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत क्षेत्र में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों की तैनाती कर दी गई है। इसके अलावा 2 एसओ और 8 कांस्टेबलों का अतिरिक्त बल भी मुस्तैद रहेगा। प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
इस दौरान डोंगरगांव टीआई आशीर्वाद रहतगंवाकर, गेंदाटोला और घुमका थाना प्रभारी सहित समस्त थाना स्टाफ मौजूद रहा।
सीएम के दौरे से पहले हलचल, विरोध की तैयारी; पुलिस की समझाइश से टला प्रदर्शन
रविवार को कबीर मठ नांदिया में आयोजित अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दौरे के दौरान कुछ देर के लिए माहौल गरमा गया।
खुज्जी विधानसभा की पूर्व विधायक छन्नी साहू द्वारा विरोध प्रदर्शन की तैयारी की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन अलर्ट हो गया। मौके पर तैनात अधिकारियों ने पूर्व विधायक से चर्चा की और समझाया कि सामाजिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम के दौरान विरोध से अनावश्यक विवाद की स्थिति बन सकती है।
समझाइश के बाद प्रस्तावित प्रदर्शन टल गया। सीएम के आगमन को लेकर पहले से ही सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती, बैरिकेडिंग और प्रवेश व्यवस्था पर विशेष नजर रखी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार संवाद और संयम से स्थिति को संभाल लिया गया, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।





