बलौदाबाजार। जिले के स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करने शिक्षा विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने दिसंबर तक निर्धारित पाठ्यक्रम हर हाल में पूरा कराने का लक्ष्य रखा है। शैक्षणिक सत्र में अब केवल 48 अध्यापन दिवस शेष होने के कारण स्कूलों में नियमित पढ़ाई और निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों को निर्धारित पाठ्य पुस्तकों और ब्लूप्रिंट के आधार पर ही पढ़ाई करानी होगी। बाजार में उपलब्ध गाइड-कुंजी से पढ़ाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। जिन स्कूलों में विषय शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां स्मार्ट बोर्ड, दीक्षा पोर्टल और अन्य डिजिटल माध्यमों से पढ़ाई कराई जाएगी।
कठिन विषयों की होंगी लाइव कक्षाएं
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अगले महीने से भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, जीव विज्ञान और गणित जैसे कठिन विषयों की कक्षाएं संभाग स्तर से लाइव प्रसारित की जाएंगी। इससे विषय शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को भी पढ़ाई में मदद मिलेगी।
भाषा और गणित की बुनियाद होगी मजबूत
शिक्षा विभाग ने कक्षा तीसरी से आठवीं तक के विद्यार्थियों को हिंदी और अंग्रेजी धाराप्रवाह पढ़ने में सक्षम बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही बच्चों को 20 से 25 तक के पहाड़े कंठस्थ कराने पर जोर दिया जाएगा, ताकि उनकी भाषा दक्षता और गणितीय क्षमता मजबूत हो सके।
शनिवार को आयोजित होने वाले बैगलेस डे का उपयोग अब नवोदय विद्यालय, ओलंपियाड, एनएमएमएसई और प्रयास जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए किया जाएगा। दिसंबर तक बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों और शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाएगा।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर रहेगी नजर
स्कूलों में मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भोजन परोसने से पहले रसोइया और शिक्षक, दोनों के लिए भोजन चखना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा रसोईघर की नियमित सफाई और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं। एक्सपायरी डेट वाले मसालों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
निजी स्कूलों की भी होगी जांच
शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों की कार्यप्रणाली पर भी निगरानी बढ़ाने का निर्णय लिया है। प्रशस्त ऐप का उपयोग नहीं करने, छात्रवृत्ति पोर्टल पर निर्धारित प्रक्रिया में देरी करने और छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबद्ध होने के बावजूद निजी प्रकाशकों की किताबें चलाने वाले स्कूलों की आरटीई के तहत जांच की जाएगी। अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित स्कूलों की मान्यता समाप्त करने का प्रस्ताव भेजा जा सकता है।
जिला शिक्षा अधिकारी शिवकुमार गेंदले ने कहा कि दिसंबर तक पाठ्यक्रम पूरा कराना विभाग की पहली प्राथमिकता है। शिक्षकों को गाइड के बजाय ब्लूप्रिंट और पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही भाषा दक्षता, गणितीय क्षमता और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।








