बिलासपुर(कमलकांत पाटनवार):-: यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के रेलवे के दावों के बीच नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 16 रेलवे जोन के तुलनात्मक आकलन में एसइसीआर का न्यूनतम आवश्यक यात्री सुविधाओं और पेयजल गुणवत्ता, दोनों मामलों में प्रदर्शन सबसे खराब पाया गया है।खासकर पेयजल गुणवत्ता में जोन का अंतिम पायदान पर रहना चिंता बढ़ाता है। कैग के निष्कर्ष बताते हैं कि निर्धारित मानकों के अनुपालन में बिलासपुर रेलवे जोन में बड़ी कमियां हैं। ऐसे में स्टेशनों पर यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की गुणवत्ता और उसकी नियमित जांच की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। यह रिपोर्ट रविवार को जारी हुई है।रिपोर्ट में न्यूनतम आवश्यक सुविधाओं के आकलन में एसइसीआर का कमी स्कोर 106.6 रहा, जो 16 रेलवे जोन में सबसे अधिक है। इस आधार पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन को 16वां स्थान मिला। रिपोर्ट के अनुसार अधिक कमी स्कोर खराब प्रदर्शन को दर्शाता है। जबिक एसइआर 29.1 स्कोर अर्जित कर पहले स्थान पर है। इसी तरह डब्ल्यूआर 34.9 स्कोर के साथ दूसरे और एनइआर 42.9 स्कोर के साथ तीसरे स्थान पर है।इसी तरह यात्रियों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे के प्रदर्शन का तुलनात्मक आकलन किया गया। इसके लिए आडिट के लिए चयनित 512 रेलवे स्टेशनों पर पेयजल गुणवत्ता से संबंधित निर्धारित मानकों की जांच की गई। क्षेत्रीय रेलों की तुलना के लिए प्रत्येक मानक को समान महत्व दिया गया।प्रत्येक क्षेत्रीय रेलवे का कुल कमी स्कोर सभी जांचे गए मानकों में प्राप्त कमी स्कोर के औसत के आधार पर तय किया गया। रिपोर्ट के अनुसार कमी स्कोर जितना कम होगा, प्रदर्शन उतना ही बेहतर माना जाएगा, क्योंकि कम स्कोर निर्धारित पेयजल गुणवत्ता मानकों के अनुपालन में कम कमियों को दर्शाता है। इस लिहाज से दक्षिण मध्य रेलवे का कुल कमी स्कोर सबसे कम 17.53 रहा और वह पेयजल गुणवत्ता के मामले में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय रेलवे रहा। इसके बाद उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) का स्थान रहा, जिसका कमी स्कोर 27.78 दर्ज किया गया। इसके विपरीत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसइसीआर) का कुल कमी स्कोर सबसे अधिक 93.35 रहा, जो सभी क्षेत्रीय रेलों में सबसे खराब प्रदर्शन को दर्शाता है।इसके बाद दक्षिण रेलवे (एसआर) का कमी स्कोर 76.90 रहा। कैग के आकलन में पेयजल की गुणवत्ता के लिए निर्धारित मानकों के पालन में क्षेत्रीय रेलवे के बीच महत्वपूर्ण कमियां और काफी अंतर सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, यह स्थिति विभिन्न क्षेत्रीय रेलों में निर्धारित पेयजल गुणवत्ता मानकों के अनुपालन में कमी को दर्शाती है।
दिव्यांगजन सुविधाओं में दूसरा स्थान
कैग ने विभिन्न स्टेशनों में उपलब्ध दिव्यांगजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी आकलन किया। जिसमें दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन बेहतर प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है। बिलासपुर जोन का कमी स्कोर 20.97 रहा और यह 16 जोन में दूसरे स्थान पर रहा। वहीं ईआर 4.72 स्कोर पर पहले और डब्ल्यूसीआर तीसरे स्थान पर रहा, उसे 22.20 अंक मिले।
रिपोर्ट से मचा हड़कंप, लगेंगे जल फिल्टरेशन सिस्टम
पेयजल की गुणवत्ता पर कैग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीआरबी और सीईओ तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिन भर समीक्षा की गई और सुरक्षित पेयजल के लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों के आदेश दिए गए हैं। जिसमें पेयजल की गुणवत्ता सुधारने को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गएवाटर कूलरों सहित लगभग 20 हजार स्थानों पर नया टैंक टू टैप जल फिल्टरेशन सिस्टम और पूरे रेलवे नेटवर्क में लगभग 20 हजारों स्थानों पर एक व्यापक जल फिल्टरेशन और निगरानी प्रणाली स्थापित की जाएगी। वहीं पानी की टंकियों को बदला जाएगा। सबसे अहम बात यह है कि अब बोर्ड स्तर से इसकी सीधी निगरानी की जाएगी।
इन निर्देशों का करना होगा कड़ाई से पालन
स्रोत और आउटलेट स्थानों पर नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण।
केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही।
स्टोरेज टंकियों की समय पर सफाई और रखरखाव।














