शासन के मूल पद नीति से राज्य के 2500 से अधिक स्कूलो में शिक्षकों की कमी दूर की गई : स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव

भाटापारा,स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, राकेश तिवारी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि शासन द्वारा स्कूली शिक्षा को विकसित एवं मजबूत बनाने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग के अंतर्गत विभिन्न विभागों में कार्यरत शिक्षकों को उनके मूल पद पर वापस लाया गया है। मंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में 2500 से अधिक स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे थे। ऐसे में गैर-शैक्षणिक विभागों में कार्यरत शिक्षकों को उनके मूल पद पर वापस लाकर स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया गया है। 10,600 से अधिक शिक्षक गैर-शैक्षणिक विभागों में थे कार्यरत स्कूल शिक्षा मंत्री ने बताया कि शिक्षा विभाग के ही 10,600 से अधिक शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में कार्यरत थे, जबकि उनका वेतन शिक्षा विभाग से जारी होता था। इससे एक ओर शिक्षण संस्थानों कोशिक्षकों की कमी का सामना करना पड़ रहा

 

था, वहीं दूसरी ओर शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। उन्होंने बताया कि गैर-शैक्षणिक विभागों में कार्यरत शिक्षकों में करीब 80 प्रतिशत लेक्चरर थे। शासन की मूल पद नीति के तहत इन्हें गैर-शैक्षणिक विभागों से हटाकर स्कूल शिक्षा विभाग में वापस लाया गया। इससे प्रदेश के 2500 से अधिक स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने में मदद मिली है। मंत्री ने कहा कि शिक्षकों के मूल पद पर लौटने से राज्य में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार हुआ है और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान विभिन्न विभागों से शिक्षा विभाग को शिकायतें भी प्राप्त हुईं, लेकिन शासन ने बिना किसी दबाव

 

के शिक्षकों को उनके मूल पद पर लाने की प्रक्रिया जारी रखी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि गैर-शैक्षणिक विभागों से शिक्षकों को मूल पद पर वापस लाने की नीति के क्रियान्वयन के विरोध में कुछ शिक्षक शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इनमें से कुछ शिक्षक कांग्रेस विचारधारा से जुड़े हुए थे। मंत्री ने कहा कि पाटन, सारंगढ़ सहित कुछ क्षेत्रों में किया गया विरोध सुनियोजित तरीके से किया गया था। पत्रकार वार्ता में मंत्री से जिले के स्कूल शिक्षा विभाग के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर पूर्णकालिक अधिकारियों की नियुक्ति नहीं होने को लेकर भी सवाल किया गया। पत्रकार ने पूछा कि जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ), बीआरसी सहित कई पदों पर विभाग का काम प्रभारी अधिकारियों के भरोसे क्यों चलाया जा रहा है? इस पर स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में 12,000 शिक्षकों का प्रमोशन किया गया है। जल्द ही विषयवार शिक्षकों की कमी को दूर कर लिया जाएगा। वहीं एक पत्रकार द्वारा जीईएम (GeM) पर होने वाली निविदा प्रक्रिया में कथित अनियमितता को लेकर सवाल पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।

Hot Topics

Related Articles