रायपुर : छत्तीसगढ़ में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों के बीच परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के परीक्षा केंद्रों में बदलाव संबंधी फैसले पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई है। शिक्षक संघ का कहना है कि इस नई व्यवस्था से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अपने स्कूल के बजाय दूसरे स्कूलों में परीक्षा देने जाना पड़ सकता है। इससे खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शिक्षक संघ ने आशंका जताई है कि परीक्षा केंद्रों में बदलाव के कारण कुछ विद्यार्थियों को पहले की तुलना में करीब 5 से 8 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ सकती है। संघ ने विद्यार्थियों की सुविधा, परिवहन व्यवस्था और छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की है।छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के मुताबिक, बोर्ड परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में प्रस्तावित बदलाव विद्यार्थियों के लिए नई मुश्किलें पैदा कर सकता है। अब तक जिन विद्यार्थियों को अपने स्कूल या नजदीकी केंद्र में परीक्षा देने की सुविधा मिलती थी, उन्हें दूसरे स्कूलों में जाना पड़ सकता है। शिक्षक संघ का कहना है कि कई विद्यार्थियों के लिए परीक्षा केंद्र की दूरी बढ़ना बड़ी चुनौती होगी। परीक्षा के दौरान छात्रों को निर्धारित समय से पहले केंद्र पर पहुंचना होता है। ऐसे में लंबी दूरी तय करने की मजबूरी उनके लिए तनाव और परेशानी बढ़ा सकती है। खासकर उन विद्यार्थियों को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, जो ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में रहते हैं।
5 से 8 किलोमीटर दूर हो सकते हैं परीक्षा केंद्र
शिक्षक संघ के अनुसार, नई व्यवस्था लागू होने पर कुछ विद्यार्थियों के परीक्षा केंद्र मौजूदा केंद्रों से करीब 5 से 8 किलोमीटर दूर हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दूरी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए चिंता का कारण बन सकती है। कई गांवों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं सीमित रहती हैं। ऐसे में विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों या अन्य साधनों की व्यवस्था करनी पड़ सकती है। इसके अलावा परीक्षा के दिनों में रोजाना आने-जाने का अतिरिक्त खर्च भी परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ा सकता है। शिक्षक संघ का मानना है कि परीक्षा केंद्र निर्धारित करते समय इन व्यावहारिक समस्याओं को ध्यान में रखना जरूरी है।
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर शिक्षक संघ ने उठाए सवाल
परीक्षा केंद्रों की दूरी बढ़ने से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने चिंता जताई है कि दूर स्थित परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने के दौरान छात्राओं को कई तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है। संघ का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में परिवहन की सीमित सुविधा के कारण छात्राओं और उनके अभिभावकों की परेशानी बढ़ सकती है। परीक्षा के दौरान छात्राओं को समय पर केंद्र तक पहुंचाने और वापस घर लाने की जिम्मेदारी कई परिवारों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है। इसलिए परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में छात्राओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।






