सुरजपुर।छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से आई यह खबर बिजली विभाग की एक बेहद गंभीर और जानलेवा लापरवाही को उजागर करती है, जिसने ग्राम पीवरी (पीयूरी) में एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। रामानुजनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इस गांव में रहने वाली 28 वर्षीय महिला शांति हर दिन की तरह अपने खेत में काम करने और मवेशियों के लिए घास का बोझा उठाने गई हुई थी। वह खेत में काम निपटा ही रही थी कि उसका ध्यान वहां जमीन पर गिरे 11 केवी (11,000 वोल्ट) के बेहद शक्तिशाली हाईटेंशन बिजली के तार पर नहीं गया। जैसे ही शांति ने घास का बोझा उठाने के लिए कदम आगे बढ़ाया, वह सीधे इस मौत के लाइव वायर की चपेट में आ गई।
11 हजार वोल्ट के करंट का झटका इतना भयंकर और दिल दहला देने वाला था कि पलक झपकते ही महिला की एक हथेली (हाथ) कटकर शरीर से अलग हो गई और वह पूरी तरह से झुलस गई। घटना के वक्त चीख-पुकार मचने पर आस-पास के लोग और परिजन तुरंत मौके पर दौड़े। उन्होंने बेहद नाजुक हालत में शांति को संभाला और आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया, जहां से डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में महिला जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनके इलाज में जुटी हुई है।
इस भयावह हादसे के बाद पूरे गांव में बिजली विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है। परिजनों और ग्रामीणों ने विभाग पर घोर लापरवाही बरतने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि खेत के ऊपर से गुजरने वाले ये हाईटेंशन तार काफी समय से ढीले होकर लटक रहे थे और बेहद खतरनाक स्थिति में थे। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा बिजली विभाग को पहले ही लिखित आवेदन देकर तारों को दुरुस्त और ऊंचा करने की गुहार लगाई जा चुकी थी। इसके बावजूद, कुंभकर्णी नींद में सोए विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने समय रहते इस पर कोई एक्शन नहीं लिया, जिसकी अंतिम परिणति इस दर्दनाक हादसे के रूप में सामने आई। ग्रामीण अब पीड़ित परिवार के लिए कड़े मुआवजे और दोषी अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।






