कृषि विस्तार अधिकारी पर 50 लाख की ठगी का आरोप, FIR दर्ज होने के बाद पुलिस कर रही तलाश

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र में कृषि विस्तार अधिकारी राकेश कुमार रत्नेश पर कृषि कारोबारियों से लाखों रुपये की कथित ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि अधिकारी ने तीन जिलों के कृषि कारोबारियों से कीटनाशक दवाइयां लीं और भुगतान के बदले कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षर वाले चेक दिए। शिकायत के आधार पर कसडोल थाना पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है।

विभागीय कार्रवाई का डर दिखाकर सामग्री लेने का आरोप

शिकायत के अनुसार, कृषि विस्तार अधिकारी पर कृषि सेवा केंद्र संचालकों को विभागीय जांच, स्टॉक सत्यापन और लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई का भय दिखाकर कीटनाशक दवाइयां लेने का आरोप है। कारोबारियों का दावा है कि सामग्री देने के बाद जब उन्होंने भुगतान मांगा, तो उन्हें रकम लौटाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन कथित तौर पर भुगतान नहीं किया गया।

तीन कारोबारियों से 12.41 लाख रुपये के लेनदेन का उल्लेख

मामले में शिकायतकर्ता देवव्रत साहू के अनुसार, 15 जुलाई 2026 को 93,760 रुपये मूल्य की कीटनाशक दवाइयां दी गई थीं। आरोप है कि इसके बदले भुगतान नहीं किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि बकाया राशि के बदले दूसरे व्यक्ति के वाहन को अपना बताकर लिखित आश्वासन दिया गया था।

शिकायत में बलौदाबाजार, रायपुर और महासमुंद जिले के कृषि कारोबारियों के साथ कथित लेनदेन का जिक्र किया गया है। उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, तीन कारोबारियों से संबंधित कुल रकम 12,41,310 रुपये बताई गई है।

50 लाख रुपये से अधिक की ठगी की आशंका

शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि इस मामले में अन्य कारोबारी भी प्रभावित हुए हो सकते हैं। सभी संभावित पीड़ितों को मिलाकर कथित ठगी की रकम 50 लाख रुपये से अधिक होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, प्रभावित कारोबारियों की वास्तविक संख्या और कुल रकम की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

BNS की सात धाराओं में मामला दर्ज

शिकायत के आधार पर दर्ज FIR में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की सात धाराओं का उल्लेख किया गया है। इनमें धारा 308(2), 316(5), 318(4), 336(2), 338, 340(2) और 61(2) शामिल हैं। ये धाराएं जबरन वसूली, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी, कूटरचना, कूटरचित दस्तावेज के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोपों से संबंधित हैं।

पुलिस इन आरोपों और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

FIR के बाद आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस

मामले में FIR दर्ज होने के बाद कसडोल थाना पुलिस आरोपी कृषि विस्तार अधिकारी की तलाश कर रही है। आरोपी के परिवार सहित फरार होने की बात भी सामने आई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाएगी कि इस कथित मामले में कितने कारोबारी प्रभावित हुए हैं, बकाया राशि कितनी है और क्या अन्य लोग भी इसमें शामिल हैं।

कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

इस मामले ने कृषि विभाग की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। कृषि दुकानों में खाद और कीटनाशक दवाइयों के स्टॉक की जांच तथा लाइसेंस संबंधी प्रक्रियाओं से जुड़े अधिकारी पर ही पद के प्रभाव का दुरुपयोग करने का आरोप लगा है।

अब पुलिस जांच के नतीजों और कृषि विभाग की संभावित कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। मामले में आरोपी का पक्ष और विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद प्रकरण की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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