मुंह से आग उगलने का स्टंट पड़ा भारी: धमतरी के छिपली गांव में रामलीला मंचन के दौरान भयंकर हादसा, 2 कलाकारों की हालत नाजुक। देखें वीडियो

धमतरी।छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। जिले के नगरी ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ग्राम छिपली में विजयादशमी पर्व पर आयोजित रामलीला मंचन और रावण दहन के दौरान एक भयानक हादसा हो गया। इस कार्यक्रम में प्रभावशाली दृश्य दिखाने के लिए किए जा रहे आग के स्टंट ने विकराल रूप ले लिया, जिसकी चपेट में आकर भगवान हनुमान, अंगद और जामवंत का किरदार निभा रहे तीन कलाकार बुरी तरह झुलस गए।

कैसे हुआ हादसा: वेशभूषा में लगी रुई बनी काल

मिली जानकारी के अनुसार, सिहावा क्षेत्र के छिपली गांव के रामलीला मैदान में सैकड़ों ग्रामीणों की मौजूदगी में मंचन चल रहा था। पात्रों को रंग-रूप और शारीरिक बनावट में आकर्षक व बड़ा दिखाने के लिए कलाकारों के कपड़ों के भीतर भारी मात्रा में रुई (कॉटन) लगाई गई थी। इसी बीच, मंच पर कुछ लोग मुंह में मिट्टी का तेल भरकर आग उगलने वाले करतब और ज्वलनशील केमिकल स्प्रे का प्रदर्शन कर रहे थे। तभी हवा के झोंके या अनियंत्रित स्प्रे की वजह से आग की लपटें सीधे हनुमान का किरदार निभा रहे हेमंत ध्रुव की पूंछ और कपड़ों में लगी रुई तक पहुंच गईं। रुई ने पल भर में आग पकड़ ली और हेमंत को बचाने की कोशिश में पास खड़े अंगद और जामवंत का किरदार निभा रहे अन्य कलाकार भी आग की भयंकर लपटों की चपेट में आ गए।

कलाकारों की स्थिति: एक 60% तो दूसरा 20% तक झुलसा

इस दर्दनाक हादसे में तीनों कलाकारों के शरीर आग से झुलस गए हैं। घायलों में हेमंत ध्रुव (हनुमान) और नाबालिग दीपयांशु सोम की हालत सबसे ज्यादा नाजुक बताई जा रही है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक कलाकार लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गया है, जबकि दूसरे की स्थिति 20 प्रतिशत तक झुलसने की है। वहीं, तीसरे कलाकार तोषण साहू को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

मैदान में मची भगदड़ और चीख-पुकार

दशहरे के इस पावन उत्सव को देखने के लिए ग्रामीण अपने परिवार और बच्चों के साथ पहुंचे थे। मंच पर सजीव प्रदर्शन के दौरान अपने चहेते कलाकारों को जिंदा आग की लपटों से घिरा और दर्द से तड़पता देख पंडाल में बैठे दर्शकों के होश उड़ गए। कुछ ही पलों में पूरा रामलीला मैदान चीख-पुकार और दहशत के माहौल में तब्दील हो गया और चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और आयोजन समिति के सदस्यों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कपड़ों और पानी की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाया।

अस्पताल में आपातकालीन इलाज और जांच की मांग

आग बुझाने के बाद तीनों पीड़ितों को तुरंत बिना समय गंवाए स्थानीय सिविल अस्पताल नगरी ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो दिया, लेकिन हेमंत ध्रुव और सोम की बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें फौरन धमतरी मुख्य जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वर्तमान में दोनों गंभीर रूप से घायल कलाकारों का जिला अस्पताल में विशेष डॉक्टरों की निगरानी में आपातकालीन इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद से पूरे छिपली गांव में दशहरे का उत्साह पूरी तरह फीका पड़ गया है और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा में हुई इस भारी चूक और लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है

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