एबीस प्लांट में तोड़फोड़ मामले में 20 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज

  • चक्काजाम, मारपीट, नकदी और कुर्सियां लूटने सहित संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घनश्याम साव, डोंगरगांव।राजनांदगांव-चौकी मार्ग पर अमलीडीह स्थित एबीस समूह की ड्रोल्स पेट फूड प्राइवेट लिमिटेड इकाई में कर्मचारी की मौत के बाद हुए घटनाक्रम के सिलसिले में पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। प्लांट के कर्मचारियों की शिकायत पर चक्काजाम, मारपीट, धमकी, नकदी और कुर्सियां लूटने तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में कार्रवाई की गई है। घटना के बाद से कंपनी की यूनिट बंद है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।

चक्काजाम और नारेबाजी की शिकायत

शिकायत के अनुसार, कुछ मजदूरों पर अन्य मजदूरों को भड़काने, काम छोड़कर प्लांट परिसर और मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर आम लोगों के लिए परेशानी पैदा करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि दोपहर 2 से 4 बजे के बीच प्लांट प्रबंधन और अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की गई तथा अशोभनीय व्यवहार किया गया।

अधिकारियों-कर्मचारियों से मारपीट का आरोप..

शिकायत में आरोप है कि आक्रोशित मजदूरों ने जान से मारने की धमकी देते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों अफ्तार अहमद खान, सोमेंद्र पाटिल तथा दिलेश्वर साहू पर लाठी-डंडे, पत्थर और अन्य घातक वस्तुओं से हमला किया। इसके अलावा प्लांट के टाइम ऑफिस में घुसकर डेढ़ लाख रुपये नकद और लगभग 15 हजार रुपये कीमत की 10 कुर्सियां ले जाने तथा अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया गया है।

इन 20 लोगों के खिलाफ अपराध दर्ज..

पुलिस ने शिकायत के आधार पर चुकेश धनकर, थालेंद्र साहू, राकेश साहू, राजू कुमार, विजय साहू, गजेंद्र कुमार, चोवा राम, बामन, शेखर कुमार, दरदेश दास, अजय राजपूत, दिव्यानंद, दामेश, एस. कुमार भुआर्य, हरमेश, कामेश्वर, प्रशांत साहू, विकास, प्रेमलाल सिन्हा और लोकेश साहू के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले में पुलिस शिकायत, घायलों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस,,

पुलिस सूत्रों के अनुसार, घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति और नुकसान का आकलन करने के लिए प्लांट में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। घटना के दौरान कुछ कर्मचारियों को चोटें आने की जानकारी भी सामने आई थी। संबंधित कर्मचारियों का मुलाहिजा कराया गया है।

उल्लेखनीय है कि 17 अक्टूबर की रात प्लांट परिसर में इलेक्ट्रिक पिकअप की चपेट में आने से कंपनी के कर्मचारी ललित ठाकुर की मौत हो गई थी। इसके बाद मृतक के परिजनों ने आर्थिक सहायता सहित विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन और चक्काजाम किया था। प्रबंधन और प्रशासन के साथ बातचीत के बाद मांगों पर सहमति बनने पर आंदोलन समाप्त हो गया था। इसके बाद प्लांट परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर कर्मचारियों की शिकायत पर पुलिस ने अलग से अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।

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