भाटापारा को 5 साल से नहीं मिली एक भी नई ट्रेन, लाखों यात्री परेशान

भाटापारा,छत्तीसगढ़ के सबसे प्रमुख व्यावसायिक, औद्योगिक, कृषि केंद्रों में शुमार भाटापारा रेलवे स्टेशन पर पिछले पांच वर्षों से एक भी नई एक्सप्रेस या सुपरफास्ट ट्रेन का स्टॉपेज नहीं मिलने से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, उद्योगपतियों, विद्यार्थियों में गहरा आक्रोश है। राजस्व देने के मामले में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ के बाद प्रदेश के शीर्ष स्टेशनों में शामिल होने के बावजूद रेल प्रशासन की लगातार उपेक्षा से क्षेत्रवासियों में भारी निराशा है। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा स्टेशन केवल एक शहर की जरूरत नहीं है। यह आसपास के कई जिलों का लाइफलाइन जंक्शन है। इसके बावजूद रेलवे बोर्ड और जोनल प्रशासन इस प्रमुख स्टेशन की अनदेखी कर रहा है।

गौरतलब है कि भाटापारा स्टेशन भाटापारा विधानसभा के साथ-साथ बिलाईगढ़, कसडोल, नवागढ़, बलौदाबाजार, मुंगेली, पामगढ़ विधानसभा क्षेत्रों के लाखों यात्रियों के लिए रेल यात्रा का इकलौता, प्रमुख माध्यम है। स्टेशन के इर्द-गिर्द अंबुजा सीमेंट (17 किमी), अल्ट्राटेक सीमेंट (22 किमी), लाफाज सीमेंट (32 किमी), श्री सीमेंट (23 किमी) जैसे आधा दर्जन से अधिक बड़े सीमेंट उद्योग स्थित हैं। इनके अधिकारी, कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ रोजाना रेल यात्रा करते हैं। क्षेत्र में 450 से अधिक राइस, दाल, पोहा मिलें संचालित हैं।

स्थानीय नागरिक संगठनों, चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने रेलवे प्रशासन को चेतावनी दी है कि जल्द ही प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव शुरू नहीं किया गया, तो क्षेत्र की जनता रेल रोको आंदोलन सहित उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी रेल प्रशासन की होगी। इनका स्टॉपेज मांगा: वंदे भारत व सुपरफास्ट: बिलासपुर-नागपुर वंदे भारत एक्सप्रेस, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस, समरसता, गीतांजलि एक्सप्रेस। एक्सप्रेस ट्रेनें: चेन्नई एक्सप्रेस (28051-28052), हटिया-कुर्ला एक्सप्रेस (28011-28012), हावड़ा-शिरडी एक्सप्रेस, भुवनेश्वर-कुर्ला एक्सप्रेस।

 

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