छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय: मुख्यमंत्री साय

रायपुर: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेषित आत्मीय पत्र एवं स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं के लिए प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आत्मीय पत्र छत्तीसगढ़ की माटी, यहाँ की श्रमशील जनता और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके गहरे जुड़ाव का परिचायक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह, विश्वास और मार्गदर्शन प्रदेश को समृद्ध, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री को प्रेषित अपने आभार पत्र में कहा कि अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से लेकर सरगुजा के वनांचलों और बस्तर के सुदूर अंचलों तक की अपनी यात्राओं एवं अनुभवों का प्रधानमंत्री ने जिस आत्मीयता से स्मरण किया है, वह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के हृदय को स्पर्श करता है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री का आगमन और नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की अविस्मरणीय उपलब्धि है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेशवासियों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार किया था। उनके समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में साकार करने की दिशा में आगे बढ़ना राज्य सरकार के लिए सौभाग्य और महत्वपूर्ण दायित्व का विषय है। नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता से बदल रही बस्तर की पहचान

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता और बस्तर में आए सकारात्मक परिवर्तन का विशेष उल्लेख किया है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग का प्रतिफल है। कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ‘नियद नेल्लानार’ योजना के माध्यम से दूरस्थ गाँवों तक सड़क, बिजली, पेयजल, संचार और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जनजातीय अंचलों में विकास को नई गति मिली है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कर रहे हैं। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर अपनी समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटन, खेल एवं उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो। किसानों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण को मिली मजबूती मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याण और अंत्योदय की भावना को धरातल पर साकार करने के प्रयासों को निरंतर मजबूती मिली है। प्रदेश के 25 लाख से अधिक धान उत्पादक किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रदेश के लगभग 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों का पक्के आवास का सपना साकार हुआ है। जल जीवन मिशन से 41 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक नल से जल की सुविधा पहुँची है। लगभग 40 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन मिले हैं तथा करीब ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा व्यापक हुआ है। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके स्वावलंबन और आत्मसम्मान को सशक्त बना रही है।

 

 

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