राजनांदगांव।नगरीय निकाय चुनाव के लिए ईवीएम को तैयार कर लिया गया है। 1 फरवरी को कर्मचारियों को पहला प्रशिक्षण दिया जाएगा। साल 2014 में इस्तेमाल हुए ईवीएम को इस बार की वोटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसका डाटा डिलीट किया जा चुका है।वोटिंग के लिए एक मशीन पर डबल बैलेट यूनिट का इस्तेमाल हो सकता है। इसमें पहले क्रम में महापौर-अध्यक्ष प्रत्याशी और फिर पार्षद प्रत्याशियों के नाम दर्ज होंगे। जिन वाडों में महापौर अध्यक्ष और पार्षद प्रत्याशियों मिलाकर संख्या 14 से अधिक हुई। वहां महापौर-पार्षद के लिए अलग-अलग बैलेट यूनिट लगाया जा सकता है।निकाय चुनाव में ईवीएम को वोटिंग के लिए इस्तेमाल करने डाटा डिलीट कर दिया गया है।
वोट डालने के बाद नहीं दिखेगी पर्ची, यूनिट हटी
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बैलेट यूनिट के साथ वीवी पेट का भी इस्तेमाल होता है। याने वोटर्स जिस प्रत्याशी को वोट करता है, उसके सिंबल और नाम की पर्ची वीपी पैट मशीन में कटकर एकत्रित होती थी। लेकिन निकाय चुनाव में वीवी पैट मशीन का इस्तेमाल नहीं होगा। इससे बैलेट यूनिट में वोटिंग के बाद वीपीपैट में पर्ची एकत्रित होने का विकल्प खत्म हो जाएगा।
16 बटन के बैलेट यूनिट में एक नोटा और दूसरा वोटिंग एंड (खत्म) करने का बटन रहेगा। अगर कोई वोटर्स सिर्फ महापौर के लिए वोट करना चाहता है और उसे पार्षद प्रत्याशी को वोट नहीं करना है, तो महापौर के लिए वोट करने के बाद एंड का बटन दबाना होगा।निकाय चुनाव में 2014 के ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। सभी मशीनें करीब 10 साल पुरानी हैं। इनमें अब तक हुई जांच में क्लॉक (घड़ी) रिसेट करने को लेकर दिक्कत आई है। ज्यादातर मशीनों में क्लॉक रिसेट नहीं हो पा रहा है। ऐसे में वोटिंग के पहले मॉक पोल के दौरान मशीन जो टाइम शो करेगा, उसका पंचनामा तैयार किया जाएगा। पोल एजेंट्स की मौजूदगी में मतदान दल पंचनामा तैयार करेगा, जिसमें स्पष्ट होगा कि पोलिंग शुरू होने के दौरान ईवीएम मशीन में टाइमिंग क्या रही। इससे ईवीएम में पड़े वोट की टाइमिंग को लेकर सवाल पैदा नहीं होगा।





