बिलासपुर- प्राचार्य प्रमोशन को लेकर शिक्षा विभाग को बड़ा झटका छत्तीसगढ हाईकोर्ट ने दिया है। हाईकोर्ट ने प्रमोशन की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। सुनवाई के पहले प्रमोशन आदेश जारी करने के फैसले पर हाईकोर्ट ने तीखी नाराजगी जताते हुए अवमानना का नोटिस भी जारी कर दिया है। 7 मई 2025 को अगली सुनवाई होगी।
प्राचार्य प्रमोशन को लेकर हाईकोर्ट में कई याचिकाएं लगी है। जिसमें एक मामला 2019 से जबकि दूसरा 2025 और बीएड-डीएलएड से जुड़ा है। हाईकोर्ट की पिछली सुनवाई हुई थी, तो सरकार की ओर से कोर्ट को आश्वस्त किया गया था कि अगली सुनवाई तक प्राचार्य प्रमोशन का आदेश जारी नहीं किया जायेगा।
पिछली सुनवाई में उन्होंने हाईकोर्ट में सभी केस को एक ही साथ सुनवाई के लिए आवेदन किया था। साथ ही ये अंडरटेकिंग भी दिया था कि अगली सुनवाई तक प्राचार्य प्रमोशन का आदेश जारी नहीं किया जायेगा। कोर्ट की सुनवाई 1 मई 2025 को तय की गयी थी, लेकिन इससे पहले ही 30 अप्रैल को हाईकोर्ट में दिये अपने ही अंडरटेकिंग के खिलाफ जाकर शासन ने प्राचार्य प्रमोशन की लिस्ट जारी कर दी। आज जब हाईकोर्ट की सुनवाई शुरू हुई, तो अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट को बताया कि अपने ही अंडरटेकिंग के खिलाफ जाकर आदेश निकालना अवमानना की श्रेणी में आता है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्रमोशन आदेश पर स्टे देते हुए, शासन को अवमानना का नोटिस जारी कर दिया है।





