डोंगरगांव( दीपक अवस्थी)।शहर में बुधवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। सदर लाइन के पास एक तेज़ रफ्तार स्कार्पियो ने सड़क पार कर रही छह वर्षीय खुशिका कुंभकार को कुचल दिया। मासूम बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है और उसे इलाज के लिए राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कार्पियो (क्रमांक CG 08 AY 1831) एक नाबालिग युवक चला रहा था, जो हादसे के तुरंत बाद वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। पुलिस ने तत्काल हरकत में आते हुए वाहन को जब्त कर लिया है और भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 281 (लापरवाही से वाहन चलाना) और धारा 125(1)(a) (हिट एंड रन) के तहत मामला दर्ज किया है।
कलम खरीदने निकली थी, अस्पताल पहुंच गई
बताया गया है कि खुशिका अपनी बड़ी बहन के साथ पास की एक पुस्तक दुकान से पेन खरीदने निकली थी। इसी दौरान यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसकी हालत को नाजुक बताया है। उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं और सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
प्रशासन पर उठे सवाल
हादसे के बाद शहरवासियों में गहरा आक्रोश है। यह सवाल उठ रहा है कि आखिर नाबालिगों के हाथ में गाड़ी की चाबी कैसे पहुंच रही है? ट्रैफिक नियमों का पालन कराने में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों ने यह भी मांग की है कि वाहन मालिक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
एडवोकेट अभय तिवारी ने सामान्य रूप से दी ये जानकारी
125. दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाला कार्य।
जो कोई व्यक्ति किसी कार्य को इतनी लापरवाही या उपेक्षा से करेगा कि मानव जीवन या दूसरों की व्यक्तिगत सुरक्षा खतरे में पड़ जाए, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से, जिसे तीन महीने तक बढ़ाया जा सकता है या दो हजार पांच सौ रुपये तक का जुर्माना, या दोनों से दंडित किया जाएगा, लेकिन
(क) जहां चोट पहुंचाई जाती है, वहां किसी एक अवधि के लिए कारावास से, जो छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माने से, जो पांच हजार रुपए तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा;
(ख) जहां गंभीर चोट पहुंचाई जाती है, वहां किसी एक अवधि के लिए कारावास से जिसे तीन वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माने से जो दस हजार रुपए तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
गलत तरीके से रोके जाने और गलत तरीके से बंधक बनाए जाने के मामले में
281. सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना या वाहन चलाना।
जो कोई किसी वाहन को या किसी सार्वजनिक मार्ग पर इतनी तेजी या लापरवाही से चलाएगा कि मानव जीवन को खतरा हो या किसी अन्य व्यक्ति को चोट या क्षति पहुंचने की संभावना हो, उसे किसी एक अवधि के लिए कारावास से, जिसे छह महीने तक बढ़ाया जा सकता है, या जुर्माने से, जो एक हजार रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।
जांच जारी
पुलिस ने वाहन मालिक और संभावित नाबालिग चालक की पहचान कर ली है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी।





