राजनांदगांव : प्री मानसून सिस्टम से जिले में 6 घंटे में 40 मिमी बारिश

राजनांदगांव दक्षिण पश्चिम मानसून केरल पहुंच गया है। इसके साथ ही प्रदेश में प्री मानसून सिस्टम भी सक्रिय हो गया है। द्रोणिका और चक्रवाती सिस्टम मजबूत स्थिति में हैं। इसके असर से शनिवार को पूरे जिले में मध्यम बारिश दर्ज हुई। सुबह 5 बजे जिले के अलग-अलग हिस्से में बारिश शुरु हुई। जो सुबह 11 बजे तक जारी रही।

अविभाजित जिले में 6 घंटे में ही 40 मिमी. औसत बारिश दर्ज की गई है। हालाकि मौसम विभाग ने यह मौजूद सिस्टम की अपेक्षा में कम ही माना है। बारिश से तापमान में 4 डिग्री दर्ज गिरावट हुई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री दर्ज किया गया। इससे गर्मी में कमी आई है। इधर रविवार से नौतपा की शुरुआत हो रही है। लेकिन इस बार नौतपा में भी गर्मी कम रहेगी। इस बार का नौतपा बीते दस साल में सबसे कम तपने वाला साबित होगा। मौसम विज्ञानी एचपी चंद्रा ने बताया कि नौतपा के दौरान अंधड़-बारिश की स्थिति बनी रहेगी। तापमान भी 40 डिग्री से नीचे ही रहेगा।

इससे भीषण गर्मी की स्थिति नौतपा में नहीं बनेगी। यह जन जीवन के लिए राहत वाली साबित होगी। चुनौती {नालों की सफाई का काम अभी शुरू नहीं हो सका है। इसे जल्द शुरू कर समय से पहले पूरा करना होगा। वरना बारिश के दौरान शहर में समस्या बढ़ेगी। {सड़कों के डामरीकरण का काम अधूरा है। पैचवर्क भी पूरा नहीं हो सका है। बारिश शुरू हुई तो डामरीकरण नहीं हो सका। इसे समय पर पूरा करना जरुरी होगा । {बारिश के जल्द आने से खरीफ सीजन की खेती भी रफ्तार पकड़ेगी। सोसाइटियों में खाद- बीज का स्टॉक व वितरण अन्य सालों की तुलना में जल्द करना होगा।

शनिवार सुबह सबसे अधिक बारिश मानपुर मोहला क्षेत्र में दर्ज की गई। इन हिस्सों में बारिश मध्यम स्तर पर रही। वहीं गरज-चमक की स्थिति भी बनी रही। इधर खैरागढ़ क्षेत्र में हवा की गति जिले के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक दर्ज की गई है। जबकि राजनांदगांव शहरी क्षेत्र में 5 घंटे रिमझिम बारिश की स्थिति बनी रही। दोपहर बाद में मौसम साफ हो गया।

राहत {जिले में बने जलसंकट की स्थिति से राहत मिलने की उम्मीद है। जलाशय सूख चुके हैं। वाटर लेवल भी गिर गया है। जिसमें काफी हद तक राहत मिलेगी। {गर्मी ने इस बार अपने सारे पुराने रिकार्ड को ध्वस्त किया है। भीषण गर्मी से जन जीवन प्रभावित रहा। हीट वेव के दिनों की संख्या भी बीते सालों से अधिक रही। जिससे जल्द राहत मिलेगी। {भीषण गर्मी की वजह से सब्जी फसलों के उत्पादन पर असर पड़ रहा था। गर्मी की वजह से उत्पादन में कमी आई थी। जिससे दाम भी बढ़ने लगे थे। यह भी नियंत्रित होगा।

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