भिलाई। दुर्ग जिले के सुपेला थाना अंतर्गत चौकी स्मृति नगर क्षेत्र में बीते दिनों हुई चाकूबाजी की घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने एम्स रायपुर में कार्यरत युवक पर चाकू से जानलेवा हमला किया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू जब्त कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी लाल बहादुर निषाद, निवासी सिरसा खुर्द, ने स्मृति नगर चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका भाई सुखदेव निषाद (38 वर्ष), जो एम्स रायपुर में कार्यरत है, 11 जून 2025 की रात मोटरसाइकिल से अपने गांव सिरसा खुर्द लौट रहा था। जब वह शुभम कॉलोनी के पास, कोहका पहुंचा, तो कुछ युवकों ने रास्ता रोककर बेवजह हार्न बजाने की बात पर विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों हेमन्त क्षत्रिय और उदय कुमार, अपने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर, सुखदेव निषाद पर चाकू से हमला कर दिए और गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा।आरोपियों हेमन्त क्षत्रिय और उदय कुमार, अपने एक नाबालिग साथी के साथ मिलकर, सुखदेव निषाद पर चाकू से हमला कर दिए और गंभीर रूप से घायल कर दिया। पीड़ित को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने तीनों को पकड़ा घटना की रिपोर्ट पर थाना सुपेला अंतर्गत चौकी स्मृति नगर में अपराध क्रमांक 693/2025 धारा 296, 351(2), 115(2), 126, 118(2), 3(5) BNS और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पीड़ित के बयान और बताए गए हुलिए के आधार पर पुलिस ने हेमन्त क्षत्रिय (उम्र 23 वर्ष) एवं उदय कुमार क्षत्रिय (उम्र 19 वर्ष), दोनों निवासी मॉडल टाउन, नेहरू नगर, तथा एक अपचारी बालक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तीनों ने अपना जुर्म स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार दोनों आरोपी बालिगों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि अपचारी बालक को बाल सुधार गृह भेजा गया। इस घटना से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल रहा, लेकिन पुलिस की तत्परता से जनमानस में विश्वास पुनः स्थापित हुआ है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक गुरविंदर सिंह संधु, प्रधान आरक्षक पंकज चौबे, आरक्षक कमल नारायण, अनिकेत चंद्राकर और हर्षित शुक्ला की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। टीम ने आरोपियों को पकड़ने और साक्ष्य जुटाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।





