डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।गुरुवार को साल्हे और अछोली गाँव के किसानों ने आवारा मवेशियों को लेकर जोरदार विरोध किया। खेतों में फसलें चौपट कर रहे 13 मवेशियों को पकड़कर ग्रामीण दोपहर 12 बजे सीधे डोंगरगांव थाना पहुँचे। देखते ही देखते थाना परिसर गौशाला में बदल गया।

करीब दो घंटे (12 से 2 बजे तक) हंगामा चलता रहा। किसान लगातार एफआईआर दर्ज करने और मवेशियों को गौशाला भिजवाने की मांग करते रहे। इस दौरान पुलिस को भी स्थिति संभालने में कठिनाई हुई।
किसानों ने एसडीएम डोंगरगांव श्रीकांत कोराम को ज्ञापन सौंपकर 10 दिनों की मोहलत दी और चेतावनी दी कि यदि ठोस कदम नहीं उठाए गए तो वे बड़े आंदोलन पर उतरेंगे।
जानकारी के अनुसार, थाना परिसर में रखे गए मवेशियों को करीब 4 बजे थाने में किसी कर्मचारी ने छोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इन मवेशियों को डोंगरगांव शहर की सड़कों में छोड़ दिया गया, जो अब नगरवासियों के लिए भी मुसीबत बनेंगे।
किसानों ने साफ कहा कि जब तक आवारा पशुओं को स्थायी रूप से गौशालाओं में नहीं भेजा जाता और पशु मालिकों पर कार्रवाई नहीं होती, वे लगातार विरोध जारी रखेंगे।
विरोध की टाइमलाइन
• 12 बजे – साल्हे और अछोली गाँव के किसान 13 मवेशियों को पकड़कर थाना डोंगरगांव पहुँचे
• 12 से 2 बजे – दो घंटे तक थाना परिसर में हंगामा, एफआईआर और गौशाला भेजने की मांग
• करीब 1.30 बजे – किसानों ने एसडीएम श्रीकांत कोराम को ज्ञापन सौंपा, 10 दिन की मोहलत दी
• 4 बजे – थाने में किसी विभाग के कर्मचारी ने मवेशियों को छोड़ दिया
• बाद में – मवेशियों को डोंगरगांव शहर में छोड़ दिया गया जो अब नगर के लिए नई मुसीबत हैं।
थाने के मवेशियों को छोड़ा गया है इस विषय में जानकारी नहीं है। हम उन मवेशियों की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे थे यदि छोड़ दिया गया है तो पता करवाता हु।
श्रीकांत कोर्राम
एस डी एम, डोंगरगांव





