दुर्ग। जिले में मंदिरों से नगद रकम चोरी करने वाले एक शातिर चोर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से मंदिरों को निशाना बना रहा था और बड़ी ही चालाकी से चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने उसके पास से 1282 रुपये के सिक्के और एक जूपीटर वाहन बरामद किया है। इस कार्रवाई में एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना नेवई पुलिस की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। चोरी से पहले करता था रेकी पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी चोरी करने से पहले मंदिरों में लगातार घूमता और पूरी रेकी करता था। वह यह देखता था कि किस समय मंदिर में भीड़ कम रहती है और कहां नकद राशि सुरक्षित रखी जाती है। आरोपी की एक खास रणनीति थी कि चोरी से पहले और बाद में वह अपने कपड़े बदल लेता था ताकि उसकी पहचान मुश्किल हो जाए। यही कारण है कि कई बार वह पुलिस और स्थानीय लोगों की नजरों से बचने में सफल हो जाता था। सिर्फ नगद रकम पर थी नजर आरोपी की आदत थी कि वह मंदिरों से केवल नगद रकम ही चोरी करता था। चौंकाने वाली बात यह रही कि मंदिरों में रखे गए आभूषणों को वह हाथ तक नहीं लगाता था। पुलिस का मानना है कि नकदी को वह जल्दी से अपने पास छुपा सकता था और आभूषण चोरी करने पर पकड़े जाने का डर ज्यादा रहता था। सीसीटीवी और त्रिनयन एप बने मददगार आरोपी तक पहुंचने में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज ने बड़ी मदद की। फुटेज खंगालने पर उसके हावभाव और गतिविधियों पर पुलिस की नजर गई। इसके अलावा त्रिनयन एप की भी इस केस में महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिससे आरोपी की पहचान और लोकेशन ट्रेस करने में आसानी हुई। पुलिस की संयुक्त कार्रवाई एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट और थाना नेवई की संयुक्त कार्रवाई के बाद आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और संभावना है कि उसने अन्य जगहों पर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया होगा। पुलिस की अपील पुलिस ने आम नागरिकों और मंदिर प्रबंधन से अपील की है कि मंदिर परिसरों में हमेशा सीसीटीवी कैमरे सक्रिय रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकेगा। इस गिरफ्तारी के बाद शहरवासियों ने पुलिस की कार्यवाही की सराहना की है। लोगों ने कहा कि धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है ताकि समाज में डर और असुरक्षा का माहौल खत्म हो।





