प्रचार-प्रसार की कमी से फीका पड़ा रजत जयंती का मेगा हेल्थ कैंप
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।छत्तीसगढ़ राज्य की रजत जयंती वर्ष पर आयोजित मेगा हेल्थ कैंप से बड़ी उम्मीदें थीं। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने जैन मंदिर परिसर में शनिवार को इस शिविर को भव्य स्वरूप देने की कोशिश की थी। विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, दवाइयों की व्यवस्था, जांच की मशीनें और अलग-अलग काउंटर लगाकर इसे स्वास्थ्य महोत्सव बनाने की तैयारी की गई थी।
डोंगरगांव का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विधानसभा का सबसे बड़ा अस्पताल है, जो लगभग डेढ़ लाख की आबादी को कवर करता है। ऐसे में अपेक्षा की जा रही थी कि हजारों लोग इसमें पहुंचेंगे और मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेंगे।
लेकिन नतीजा उम्मीद से बिल्कुल उलट रहा—डेढ़ लाख की आबादी में से सिर्फ ढाई हजार मरीज ही कैंप तक पहुंचे।
वजह क्या रही?
लोगों का कहना है कि शिविर की जानकारी गांव-गांव और बस्ती-बस्ती तक समय रहते नहीं पहुंचाई गई। प्रचार-प्रसार की कमी और सूचना तंत्र की ढिलाई के कारण बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोग वंचित रह गए। यही कारण रहा कि राज्य की 25वीं सालगिरह पर आयोजित यह स्वास्थ्य शिविर सीमित दायरे में सिमटकर रह गया।
विभागवार मरीजों की संख्या
- बीपी जांच – 346
- शुगर जांच – 302
- मेडिसिन विभाग – 201
- अस्थि रोग विभाग। – 96
- स्त्री रोग विभाग – 34
- मानसिक रोग विभाग – 34
- नेत्र रोग विभाग – 184
- नाक-कान-गला विभाग – 56
- आयुष विभाग – 122
- अन्य मरीज – 768
कुल मरीज। – 2143
ये भी किए गए कार्य
- आयुष्मान कार्ड बनाए गए – 213
- रक्तदान – 18
- चश्मा वितरण – 66
- मोतियाबिंद मरीज चिन्हांकित – 40
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