Wednesday, February 25, 2026
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    जीएसटी के दरों में बदलावः ट्रेडर्स, मैन्युफैक्चरर, रिटेलर को करनी होगी तैयारी

    रायपुर (दीपक अवस्थी)।देश भर में सोमवार 22 सितंबर से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में बड़े बदलाव लागू होने जा रहे हैं। यानी अगर किसी उत्पाद पर जीएसटी दर घट रहा है तो उस उत्पाद को व्यापारी को कम दरों में बिक्री करना होगा। जीएसटी काउंसिल ने उत्पादवार दरों की नई सूची जारी कर दी है। इन बदलावों के बाद व्यापारियों और निर्माताओं को अपने स्टॉक और बिक्री में आवश्यक संशोधन करना होगा।

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    व्यापारी को नहीं होगा नुकसानः जीएसटी घटने पर उत्पाद को कम दाम में बेचना होगा, लेकिन व्यापारी को इससे नुकसान नहीं होगा। इसे ऐसे भी समझा जा सकता है। उदाहरण के लिए यदि किसी ने

    नई दर पर ही करनी होगी बिक्री

    निर्माताओं के लिए भी यह बदलाव अहम है। यदि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी दर घट रही है तो 22 सितंबर से नई दर पर ही बिक्री करनी होगी। वहीं यदि रॉ मटेरियल पर अधिक दर से जीएसटी चुकाया गया है, जैसे 18 प्रतिशत, लेकिन तैयार प्रोडक्ट पर केवल 5 प्रतिशत जीएसटी लगाना है, तो पूरे 18 प्रतिशत का इनपुट क्रेडिट मिलेगा और इसका रिफंड भी लिया जा सकेगा।

    22 सितंबर से पहले एक लाख का माल खरीदा जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी यानी 18,000 लगा और कुल खरीद मूल्य 1,18,000 हुआ और वह माल 22 सितंबर के बाद 5 प्रतिशत जीएसटी दर पर बेचनाहै, तो बिक्री मूल्य 1,05,000 रुपए होगा। इस स्थिति में व्यापारी को नुकसान नहीं होगा। क्योंकि 13,000 का अतिरिक्त टैक्स इनपुट क्रेडिट में समायोजित किया जा सकेगा।

    इन उत्पादों में बदलाव अभी लागू नहीं

    कुछ विशेष उत्पाद जैसे पान मसाला, सिगरेट, तंबाकू, बीड़ी और च्युइंग गम पर जीएसटी दरों में बदलाव 22 सितंबर से तुरंत लागू नहीं होगा। इन पर नई दरें केवल अलग से जारी अधिसूचना के बाद ही प्रभावी होंगी।

    इसमें नहीं मिलेगा आईटीसी का लाभ

    यदि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी दर शून्य कर दी गई है तो 22 सितंबर से उसके बाद खरीदी गई वस्तुओं पर इनपुट क्रेडिट का लाभ नहीं मिलेगा। 22 सितंबर से पहले जो स्टॉक उपलब्ध है, उसका इनपुट क्रेडिट उसी रात रिवर्स करना होगा।

    इसी प्रकार यदि किसी व्यापारी ने 22 सितंबर से पहले 12 प्रतिशत या 18 प्रतिशत की दर पर माल खरीदा है और बाद में उसे वापस करता है तो क्रेडिट नोट नई दर पर जारी होगा।

    राहत की दिशा में सकारात्मक पहल

    जीएसटी दरों में यह परिवर्तन न केवल कर ढांचे को सरल बनाने का प्रयास है, बल्कि यह व्यापारियों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए

    पारदर्शिता और राहत की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। यदि व्यापारी समय पर इन नियमों को समझकर लागू करेंगे तो उन्हें न केवल टैक्स कम्प्लायंस में आसानी होगी, बल्कि उनके ग्राहकों का विश्वास भी और मजबूत होगा।

                             -चेतन तारवानी, कर विशेषज्ञ

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