Saturday, February 28, 2026
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    डॉ. रमन सिंह ने किया राजनांदगांव के 500 सीटर प्रयास आवासीय विद्यालय का किया शुभारंभ

    राजनांदगांव। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज राजनांदगांव के गौरव पथ स्थित 500 सीटर प्रयास आवासीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ किया। यह विद्यालय वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में स्वीकृत शिक्षा परियोजना के तहत तैयार किया गया है। इस आधुनिक संस्थान की स्थापना राज्य सरकार की उस मंशा को मूर्त रूप देती है, जिसके तहत प्रतिभाशाली और मेहनती विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और सुविधाओं के साथ प्रगति के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।नवस्थापित इस विद्यालय में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में 113 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिनमें 70 बालक और 43 बालिकाएं शामिल हैं। ये सभी छात्र-छात्राएं राज्य के 23 जिलों से चयनित हुए हैं। यह चयन राज्य स्तरीय मेरिट और शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। विद्यालय में शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। डॉ. रमन सिंह ने बच्चों से किया संवाद, दी प्रेरणा शुभारंभ समारोह के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को ध्यानपूर्वक अध्ययन करने, अनुशासन बनाए रखने और अपने जीवन के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा- “प्रयास विद्यालय राज्य की उस सोच का प्रतीक है, जिसमें हर बच्चे को उसकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर देने का प्रयास किया जा रहा है। यह विद्यालय उन छात्रों के लिए एक मजबूत आधार बनेगा जो बड़े सपने देखते हैं और उन्हें साकार करने का साहस रखते हैं।”  विद्यालय में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं 500 सीटर क्षमता वाले इस प्रयास आवासीय विद्यालय में विद्यार्थियों के लिए सभी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। परिसर में अत्याधुनिक कक्षाएं, पुस्तकालय, डिजिटल लैब, विज्ञान प्रयोगशाला, खेल मैदान, हॉस्टल और भोजनालय का प्रावधान किया गया है। यह विद्यालय विद्यार्थियों के बौद्धिक, शारीरिक और नैतिक विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। ‘प्रयास’ मॉडल से बढ़ेगी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच राज्य सरकार द्वारा संचालित ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों की श्रृंखला का यह नया केंद्र है, जो विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी मार्गदर्शन देगा। इन विद्यालयों का उद्देश्य ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर राज्य निर्माण में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करना है।

     

     

     

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