चार से अधिक जगहों पर बिना एनओसी करीब 40 लाख का निर्माण
डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।नगर पंचायत डोंगरगांव में नियमों की धज्जियाँ उड़ाते हुए अवैध कॉलोनियों में सीसी रोड निर्माण कराया गया है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग से एनओसी लिए बिना करीब 40 लाख की सड़कों का निर्माण किया गया। इनमें मोंगरा कॉलोनी, तिगाला पेट्रोल पंप के सामने, बोधी टोला (पूर्व अध्यक्ष के घर के पीछे), भारतीय पब्लिक स्कूल के सामने और कटकवार आरा मशीन के पास शामिल हैं। इन क्षेत्रों की ज़मीन अब भी मास्टर प्लान में कृषि भूमि के रूप में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, जमीन दलालों, पार्षदों और जन प्रतिनिधियों की मिलीभगत से यह काम हुआ। पहले सड़कें बनवाई गईं, फिर आस-पास की ज़मीन में अवैध प्लॉटिंग कर खरीदारों को झांसे में लिया गया — “यहां तो नगर पंचायत की सड़क बन गई है” कहकर।
कानून के मुताबिक, छत्तीसगढ़ नगर पालिका अधिनियम, 1961 की धारा 123 से 125 के तहत नगर पंचायत केवल स्वीकृत कॉलोनी या नगर सीमा में ही विकास कार्य कर सकती है। अवैध कॉलोनी में सड़क बनवाना लोक निधि का दुरुपयोग है।
एडवोकेट अभय तिवारी का कहना है कि इस मामले में सीएमओ, अध्यक्ष और संबंधित पार्षद जिम्मेदार हैं। शिकायत होने पर लोक लेखा समिति या लोकायुक्त जांच हो सकती है।
स्थानीयों का सवाल: जब आम नागरिक को घर के सामने निर्माण के लिए एनओसी चाहिए, तो नगर पंचायत खुद अवैध कॉलोनी में सड़क कैसे बना सकती है?
विडंबना यह कि वैध बस्तियों में अब भी नाली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं।
तहसीलदार पी.एल. नाग ने कहा — “अवैध ज़मीन पर नगर पंचायत सड़क नहीं बना सकती। रिकॉर्ड में जमीन अब भी निजी नाम पर दर्ज है, इसका जवाब नगर पंचायत को देना होगा।”





