डोंगरगांव (दीपक अवस्थी)।ग्राम मारगांव में धर्म और अंधविश्वास के नाम पर फैले छल का पर्दाफाश करने वाले व्यक्ति की हत्या कर दी गई। मृतक आंगेश्वर साहू (40 वर्ष) पिता रामेश्वर साहू की हत्या उसके ही पड़ोसी महेश सिन्हा ने की है। मामला रविवार का है, जिसका संज्ञान सोमवार को पुलिस ने लिया।
धर्म के नाम पर ठगी और अवैध संबंध से जुड़ा विवाद
जानकारी के अनुसार आरोपी महेश सिन्हा ने नवदुर्गा उत्सव के दौरान गांव की एक महिला के घर के बाहर एक पदचिन्ह बनाया था, जिसे उसने “माता लक्ष्मी का पदचिन्ह” बताकर आसपास के गांवों में चमत्कार की अफवाह फैलाई थी।
दरअसल, जिस महिला के घर पदचिन्ह बनाया गया था, उस महिला से आरोपी के अवैध संबंध भी थे। गांव की बैठक में आरोपी और संबंधित महिला ने इस बात को स्वीकार भी किया था।
मृतक आंगेश्वर साहू, जो उक्त महिला के रिश्तेदार थे, ने इस पूरे प्रकरण और धार्मिक धोखाधड़ी का खुलकर विरोध किया था। गांव की बैठक में मृतक के कहने पर आरोपी पर ₹50,000 का अर्थदंड लगाया गया। यही बात आरोपी को नागवार गुज़री और उसने आंगेश्वर की हत्या की साजिश रच डाली।
सुबह खेत देखने निकला, शाम को लापता मिला
रविवार की सुबह लगभग 7 बजे आंगेश्वर अपने खेत की फसल देखने साइकिल से निकले, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों ने खोजबीन की तो खेत के पास साइकिल मिली, पर वे नहीं मिले।
गांववालों ने आरोपी को खून सने कपड़ों में देखा
देर रात ग्रामीणों ने आरोपी महेश सिन्हा को खेत के पास खून से सने कपड़ों और चप्पलों में देखा। ग्रामीणों के मुताबिक, आरोपी घबराहट की हालत में मौके से अपने खून सने कपड़े वहीं छोड़कर भाग गया। गांववालों ने तत्काल परिजनों को और फिर पुलिस को सूचना दी।
फॉरेंसिक जांच और सबूत
मौके पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड को बुलाया। जांच में कुत्ता सीधे आरोपी के घर पहुंचा, जहां खून सने कपड़े बरामद किए गए। खेत के पास धान की बाली, खून के निशान और संघर्ष के प्रमाण मिले।
प्रारंभिक जांच में पाया गया कि मृतक के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया और शव को कच्चे कुएं में फेंक दिया गया।
पुलिस की कार्रवाई जारी
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी महेश सिन्हा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिसमें उसने कई अहम तथ्य उजागर किए हैं। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।





