रायपुर( गजेंद्र साहू)।सरकार ने नगरीय निकायों में व्यापार करने वाले सभी व्यापारियों पर ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता का आदेश जारी किया है। इस पर पूर्व मंत्री डॉ. शिवा कुमार डहरिया ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे सरकार का तानाशाही फरमान बताया और फैसले को वापस न लेने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी।
डॉ. डहरिया ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में छत्तीसगढ़ की रिमोर्ट कंट्रोल सरकार का एक और तानाशाही फरमान जारी किया गया है। छोटे व्यापारियों और ठेले-गुमटी वालों पर टैक्स का बोझ डाल कर विकसित भारत का सपना दिखाने वाले ख़ुद इंस्पेक्टर राज लाकर तानाशाही और वसूली का कृत्य कर रहे हैं।
नगरीय निकायों में ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता व्यवसाय क्षेत्र को परेशान करना मात्र नज़र आता है। सरकार को जनता और व्यापारियों के हित में फ़ैसला लेना चाहिए बजाय इसके वह लाभ कमाने व वसूली करने में लगी हुई है।
सरकार का यह रवैया अस्वीकार्य है। हम व्यापारियों के हितों की रक्षा करने संकल्पित है और इस मुद्दे पर सरकार को पुनः विचार कर इस तानाशाही फरमान को वापस लेने की माँग करते हैं। यदि सरकार अपने फ़ैसले पर अड़ी रही तो आने वाले समय में व्यापारियों का रोष और उग्र आंदोलन का सामना करने के लिए तैयार रहे।





