Tuesday, February 24, 2026
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    मानदेय वृद्धि की आस में दो रसोईयों की मौत, लोक शिक्षण संचालनालय ने खबर को बताया भ्रामक एवं तथ्यहीन

    रायपुर।छत्तीसगढ़ में पीएम पोषण योजना के तहत कार्यरत रसोइयों के अनिश्चितकालीन आंदोलन में शामिल दो रसोईयों के मौत की खबर को लोक शिक्षण संचालनालय ने पूर्णतः भ्रामक एवं तथ्यहीन बताया है.प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेमेतरा जिले के बेरला ब्लॉक के सलधा गांव स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में पदस्थ रसोइया दुलारी यादव बीते 29 दिसंबर 2025 से रायपुर में चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल थीं. लगातार धरना स्थल पर बैठने और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद उपचार हेतु उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इसी तरह आन्दोलन में शामिल रही बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के कुसुमकसा गांव की रसोइया रुकमणी सिन्हा का भी निधन हो गया.

     

    लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी खबर में कहा गया कि समाचार चैनलों में जिन दो रसोईयों की मृत्यु की खबर प्रसारित की जा रही है, उनमें से एक रसोईया बालोद जिले की निवासी थी, जो 20 एवं 21 जनवरी को धरना स्थल पर उपस्थित रही थी, किंतु बाद में अपने निवास स्थान लौट गई थी. वहां उसकी तबीयत खराब होने पर उसे दल्ली राजहरा स्थित शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान आज उसकी मृत्यु हो गई.

    लोक शिक्षण संचालनालय के अनुसार हड़ताल पर बैठे रसोईयों के प्रतिनिधियों की संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय एवं सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग से चर्चा हुई थी. इस दौरान शासन द्वारा रसोईयों के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाते हुए उनके मानदेय में 25 प्रतिशत की वृद्धि, अर्थात 500 रूपए की वृद्धि किए जाने की कार्यवाही की जानकारी दी गई थी तथा हड़ताल समाप्त कर अपने-अपने निवास स्थान लौटने का आग्रह किया गया था. इसके बाद भी कुछ रसोईयों द्वारा धरना स्थल पर बने रहने का निर्णय लिया गया.

     

    मनोदय में केवल 500 रुपये की वृद्धि कर राज्य शासन सोचती है कि वह सभी रसोईयों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है तथा उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण को लेकर सजग है. लागातार आन्दोलन के बाद मानदेय में महज 500 रुपये की वृद्धि, क्या इस महंगाई के जमाने में कुल 2500 रुपये के मनोदय से इन रसोईयों का गुजारा हो जायेगा. क्या मनोदय बढ़ाने के नाम पर सरकार इनके साथ मजाक नहीं कर रही है.

     

    मानदेय वृद्धि की आस में मौत की बाद भी सरकार इनके प्रति संवेदनशील नहीं है, सरकार का दावा है कि हड़ताल के कारण इनकी मौत नहीं हुई है. लेकिन मानदेय वृद्धि की आस में प्रदर्शन कर रही रसोईयों का कहना है कि दो लाश गई हैं, अभी और जाएंगी

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