1100 किलोमीटर की यात्रा पूरी, मां बम्लेश्वरी के दरबार में टेका माथा
डोंगरगांव(दीपक अवस्थी)।जब उम्र के इस पड़ाव पर लोग आराम की सोचते हैं, तब 65 वर्षीय अब्दुल ने देश की सड़कों को अपना हमसफ़र बना लिया है। ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले के रामपुर कोलियारी निवासी अब्दुल साइकिल पर निकले हैं—न किसी प्रचार के लिए, न किसी मंच की तलाश में, बल्कि एकता, सद्भाव और इंसानियत का संदेश लेकर।
करीब 1100 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर शुक्रवार को वे राजनांदगांव पहुंचे। यहां से वे डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए रवाना हुए और श्रद्धा से माथा टेका। माथे पर पसीना, पैरों में थकान, लेकिन चेहरे पर अटूट विश्वास—यही अब्दुल की पहचान है।
दिनभर साइकिल चलाने के बाद मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे ही उनका ठिकाना बनते हैं। कहीं मंदिर के प्रांगण में चटाई बिछाकर तो कहीं मस्जिद के अहाते में बैग को सिरहाना बनाकर वे रात गुजारते हैं। उनके लिए हर धर्मस्थल सिर्फ इबादत या पूजा की जगह नहीं, बल्कि भरोसे और अपनत्व का घर है।
एजी खबर से बातचीत में अब्दुल ने कहा,
इस देश को मुगलों, राजाओं और अंग्रेजों के दौर से भारतीय लोगों ने संघर्ष कर आज़ादी दिलाई है। अब जब देश आज़ाद है तो हमें प्रेम और सद्भावना के साथ रहना चाहिए। मंदिर हो, मस्जिद हो, गुरुद्वारा हो या चर्च—हर जगह इंसान ही जाता है और हर जगह दुआ भी इंसान के लिए ही मांगी जाती है। रात कभी मंदिर में, कभी मस्जिद में, कभी गुरुद्वारे में सो जाता हूँ। यही मेरा भारत है… यही इसकी खूबसूरती है। दिन का भोजन भी प्रसाद के रूप में कभी मंदिर में तो कभी मस्जिद में मिल जाता है।
11 महीनों की इस यात्रा में वे अजमेर शरीफ की दरगाह, अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, दिल्ली के अक्षरधाम, अयोध्या के राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम सहित देशभर के चर्च, जैन मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों तक पहुंचने का संकल्प लिए हुए हैं। उनका मानना है कि जब तक लोग एक-दूसरे के धर्मस्थलों तक नहीं पहुंचेंगे, तब तक दिलों की दूरियां पूरी तरह कम नहीं होंगी।
अब्दुल की यह यात्रा सिर्फ सड़कों की दूरी तय नहीं कर रही, बल्कि समाज में बढ़ती खाइयों को पाटने का प्रयास भी है। रास्ते में लोग रुककर उन्हें पानी पिलाते हैं, हालचाल पूछते हैं और उनका उद्देश्य सुनकर भावुक हो उठते हैं।
65 साल की उम्र में यह जज्बा साबित करता है कि एकता का संदेश देने के लिए बड़े मंच की नहीं, बड़े दिल की जरूरत होती है।





