कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के पंडातराई थाना क्षेत्र के अंधियारखोर गांव में धार्मिक स्थल से छेड़छाड़ की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी मचा दी है। गांव में स्थित ठाकुर देव मंदिर की मूर्ति को अज्ञात व्यक्ति द्वारा निकालकर दूर फेंक दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों में भारी रोष फैल गया और बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की। स्थानीय सूत्रों ने बताया कि मूर्ति को खंडित कर फेंकने की वारदात अज्ञात असामाजिक तत्वों ने अंजाम दी। मंदिर के पुजारी और ग्रामीण इस घटना से गहरे सदमे में हैं। मूर्ति की तोड़फोड़ और धार्मिक स्थल की अवमानना ने पूरे गांव में चिंता और आक्रोश बढ़ा दिया है। घटना की जानकारी पाते ही पंडातराई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए गांव और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए। ग्रामीणों से पूछताछ के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी है और आसपास के संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी शुरू कर दी है। एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र बघेल ने बताया कि अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना की गहन जांच कर रही है और जल्द ही दोषियों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि इस दौरान शांति बनाए रखें और किसी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ठाकुर देव मंदिर गांव का प्रमुख धार्मिक स्थल है और इसके साथ छेड़छाड़ से उनके विश्वास और आस्था को चोट पहुंची है। ग्रामीणों ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मंदिरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। ग्रामीणों से भी किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी साझा करने का आग्रह किया गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इस घटना ने पूरे पंडातराई क्षेत्र में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और असामाजिक गतिविधियों के प्रति प्रशासन की सतर्कता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की मूर्ति तोड़ने और धार्मिक स्थल की अवहेलना करने वालों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाना चाहिए। पुलिस और प्रशासन ने गांव में शांति बनाए रखने के साथ-साथ दोषियों को पकड़ने के लिए टीम गठित कर दी है। जांच के दौरान मंदिर परिसर और आसपास के घरों से पूछताछ जारी है। इस घटना से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और समुदाय की सतर्कता बेहद जरूरी है। प्रशासन और पुलिस ने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।



