डोंगरगांव ( दीपक अवस्थी)। तेज धूप और झुलसाती गर्मी के बीच जब इंसान तक पानी के लिए परेशान हो उठता है, तब नन्हे पक्षियों की हालत कितनी कठिन होती होगी—इसी संवेदनशील सोच के साथ डोंगरगांव में एक सराहनीय पहल की गई है। पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए विभिन्न शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर “चकोरा” (पानी के बर्तन) रखे जा रहे हैं, ताकि कोई भी परिंदा प्यासा न रहे।
इस पुनीत कार्य की शुरुआत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एस डी एम कार्यालय से की गई, जहां से अभियान का शुभारंभ हुआ। इसके बाद तहसील कार्यालय, थाना परिसर, विश्राम गृह, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय तथा मोंगरा कॉलोनी स्थित जल संसाधन विभाग में भी चकोरा रखे जाएंगे।
इस संवेदनशील पहल में एस डी एम श्रीकांत कोराम, तहसीलदार कमल किशोर साहू, वरिष्ठ पत्रकार घनश्याम साहू एवं पर्यावरण प्रेमी व जल प्रहरी भोज साहू की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने मिलकर यह संदेश दिया कि प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति हमारी जिम्मेदारी सिर्फ शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहार में भी उतारना जरूरी है।
अभियान के दौरान यह भाव स्पष्ट रूप से झलक रहा था कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़ी राहत बन सकते हैं। एक कटोरी पानी किसी पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।
इस पहल ने न सिर्फ लोगों का ध्यान पर्यावरण संरक्षण की ओर खींचा, बल्कि यह भी सिखाया कि करुणा और संवेदनशीलता ही असली मानवता है।
अब उम्मीद की जा रही है कि डोंगरगांव के आम नागरिक भी इस मुहिम से जुड़ेंगे और अपने घरों, छतों और आसपास के स्थानों पर पानी रखकर इन बेजुबान जीवों की प्यास बुझाने में योगदान





