रायपुर। राजधानी रायपुर में मानवता और प्रशासनिक तत्परता का उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया, जब किडनी ट्रांसप्लांट के लिए एम्स हॉस्पिटल से श्रीबालाजी हॉस्पिटल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एम्बुलेंस को मात्र 15 मिनट में सुरक्षित पहुंचाया गया। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस और यातायात विभाग की तेज कार्रवाई ने अहम भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS Raipur) के डॉक्टर वरुण ने पुलिस कमिश्नर Sanjeev Shukla को तत्काल ग्रीन कॉरिडोर बनाने की आवश्यकता के बारे में सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस कमिश्नर ने तुरंत निर्देश जारी किए, जिसके बाद यातायात पुलिस रायपुर ने पूरे मार्ग पर त्वरित व्यवस्था की और रास्ता खाली कराया।एम्बुलेंस दोपहर 2:02 बजे एम्स से रवाना हुई और जीई रोड, मोहबा बाजार चौक, आमापारा चौक, अग्रसेन चौक, तेलघानी नाका, स्टेशन चौक, एक्सप्रेसवे मार्ग, पंडरी ब्रिज, कपड़ा मार्केट चौक, लोधीपारा चौक, दलदल सिवनी टर्निंग और मोवा थाना तिराहा होते हुए मात्र 2:17 बजे श्रीबालाजी हॉस्पिटल पहुंच गई। पूरे रूट पर ग्रीन कॉरिडोर बनाकर यातायात को नियंत्रित किया गया, जिससे एम्बुलेंस को किसी भी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ा। पुलिस और ट्रैफिक टीम की समन्वित कार्रवाई से यह संभव हो पाया कि मरीज को समय पर उपचार मिल सका।बताया जा रहा है कि पेंड्रा निवासी 39 वर्षीय मरीज का सफल किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। वहीं, डोनर के रूप में उत्तर प्रदेश के इटावा निवासी सुनील कुमार (39) ने अपनी किडनी दान कर मानवता का परिचय दिया। इस पूरे मामले में रायपुर पुलिस और यातायात विभाग की त्वरित प्रतिक्रिया और बेहतर प्रबंधन की सराहना की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आपातकालीन स्थितियों में ग्रीन कॉरिडोर प्रणाली जीवन बचाने में बेहद प्रभावी साबित हो रही है। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि सही समय पर समन्वय और त्वरित निर्णय कई जिंदगियों को बचा सकते हैं।





