दल्लीराजहरा/कुसुमकसा :- भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ट के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हितेश कुमार डोंगरे ने 33 प्रतिशत महिला आरक्षण विधेयक के पारित न हो पाने पर गहरी निराशा व्यक्त करते हुए विपक्ष पर तीखा कटाक्ष किया है।
प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हितेश कुमार ने कहा कि यह केवल एक विधेयक का रुकना नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी के अधिकारों और उनके सशक्तिकरण के सपनों को रोकने का प्रयास किया गया।
ने कहा कि जब भी महिलाओं को उनके हक और अधिकार देने की बात आती है तब विपक्ष की असली मानसिकता सामने आ जाती है। मंचों पर महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाले दल आज इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप्पी या विरोध का सहारा लेकर अपनी दोहरी नीति उजागर कर रहे हैं। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राजनीतिक स्वार्थ के चलते महिलाओं के भविष्य से समझौता किया जा रहा है।
- *भाजपा कुसुमकसा मंडल की भाजपा नेत्री रोशनी पटेल*
ने बताया कि जब पूरा देश नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहा है ऐसे समय में इस प्रकार का विरोध न केवल निराशाजनक है बल्कि समाज में गलत संदेश भी देता है। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अवरोध बताया।
- *भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ट जिला बालोद जिला सोशल मीडिया प्रभारी खिलेश्वर साहू*
ने बताया कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण केवल एक संख्या नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं की आकांक्षाओं और उनके अधिकारों का प्रतीक है। इसे रोकना यह दर्शाता है कि विपक्ष महिलाओं को आगे बढ़ते हुए नहीं देखना चाहता। देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और समय आने पर इसका जवाब जरूर देंगी।
- *नगर पंचायत चिखलाकसा वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद संध्या शर्मा*
ने कहा कि संसद में महिला सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर विपक्ष द्वारा समर्थन न मिलना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा किसी दल या राजनीति से ऊपर उठकर देश की करोड़ों महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़ा है।
ने कहा कि देश की मातृशक्ति इस अन्याय को भली-भांति समझती है। यह आक्रोश केवल संसद की चारदीवारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में जन-जन की आवाज बनकर उभरेगा। हर चुनाव में इसका जवाब मिलेगा, क्योंकि अब देश की महिलाएं अपने सम्मान और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।







