राजनांदगांव। जिले के प्राथमिक, मिडिल, हाई व हायर सेकंड्री स्कूल में छह सौ पदों में शिक्षको की भर्ती नही होने के कारण पद लंबे समय से खाली है। जिले में करीब 1336 स्कूलों में छह सौ शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जिसके कारण स्कूलों में हर साल पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
प्रदेश स्तर पर जिले के बच्चे खास प्रदर्शन करने व टाप टेन की सूची में आने प्रयास कर रहे है। लेकिन मिली जानकारी अनुसार जिले में लंबे शिक्षको कमी भी बड़ा कारण बन रहा है। समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। जिसमें सबसे ज्यादा सहायक शिक्षक की कमी है। वहीं प्राचार्य, व्याख्याता, व्यायाम शिक्षक, प्रधान पाठक, ग्रंथपाल जैसे पद में शिक्षकों की लंबे समय से कमी बनी हुई है। हर साल इन पदों की भर्ती नही होने के कारण स्कूलो में पढ़ाई प्रभावित होती है।
अफसरों का कहना है कि राज्य शासन को खाली पदों को भरने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेज दिया जाता है। लेकिन शासन स्तर पर स्कूलों के रिक्त पदों में शिक्षको की भर्ती नही किए जाने के कारण शिक्षा गुणवत्ता प्रभावित होती है।
जिले में 102 ट्यूटर करा रहे पढ़ाई
स्कूलों के रिक्त पदों को नहीं भरे जाने के कारण जिला प्रशासन द्वारा थी। प्रदेश के कई जिलों में डीएमएफ फंड से ट्यूटरों की भर्ती की गई से जा रहा है। हालांकि, शिक्षा विभाग का कहना संचालित सेजेस स्कूलों को बंद किया है कि जिले में डीएफएफ फंड से स्कूलों का संचालन नहीं हो रहा है। लेकिन ऐसे 102 टूयूटरों की भर्ती स्कूलों में पढ़ाई कराने के लिए की गई है, जिसका भुगतान डीएमएफ फंड से हो रहा हैं। प्राथमिक स्कूल में तीन और मिडिल में इन्हें चार हजार रुपए तक का भुगतान किया जा रहा था।






