5 सवालों के बाद पत्रकार वार्ता छोड़कर चले गए सांसद बृजमोहन अग्रवाल, मोदी सरकार के 12 साल के काम गिनाने पहुंचे थे राजनांदगांव

राजनांदगांव। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियां बताने राजनांदगांव पहुंचे रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल पत्रकारों के सवालों के बीच असहज नजर आए। भाजपा कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी, लेकिन मीडिया के सवाल-जवाब शुरू होने के बाद महज पांच सवालों का जवाब देकर अचानक वार्ता छोड़कर चले गए।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के निर्वाचन मुख्यालय राजनांदगांव पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल को उपलब्धियों से भरा बताते हुए विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों का उल्लेख किया।हालांकि, पत्रकारों द्वारा सवाल पूछे जाने पर स्थिति बदल गई। बताया जा रहा है कि पांच सवालों के जवाब देने के बाद सांसद अचानक पत्रकार वार्ता समाप्त कर वहां से निकल गए। उनके अचानक चले जाने से मौजूद पत्रकारों में भी चर्चा का माहौल रहा।

पत्रकार वार्ता के बीच उठकर चले जाने की घटना को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कांग्रेस इसे सवालों से बचने की कोशिश बता रहीं हैं, जबकि भाजपा की ओर से इस संबंध में तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस घटनाक्रम के बाद यह सवाल भी उठने लगे हैं कि जब सरकार की 12 साल की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा जा रहा था, तब मीडिया के सवालों का सामना करने के लिए पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया।

पत्रकारों ने पूछे तीखे सवाल

पत्रकारों ने वार्ता के दौरान तेल की बढ़ती कीमत महंगाई और रुपए के लगातार गिरावट को लेकर सवाल किए. जैसे तैसे केवल पांच सवालों का जवाब ही सांसद अग्रवाल दे पाए इसके बाद वह असहज होते दिखे और तत्काल प्रेस वार्ता को समाप्त कर दिया गया.

इन बिंदुओं पर बोले बृजमोहन

इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 12 वर्षों की उस यात्रा की बात कर रहे हैं, जिसमें देश की तस्वीर ही नहीं सरकरी भी बदल दी है। वर्ष 2014 में देश ने मोदी पर भरोसा किया, वर्ष 2019 में पहले से भी बड़ा बहुमत देकर उस पर मुहर लगाई, और फिर 2024 में लगातार तीसरी बार जनता ने उन्हें चुनकर साफ कर दिया है कि देश सिर्फ वादे नहीं, बल्कि काम देखता है। इसी जन-विश्वास की बदौलत आज एनडीए (NDA) देश के 22 राज्यों में जनता की सेवा कर रहा है।

O लगातार तीसरी बार शपथ लेने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री जी ने सबसे पहला काम पीएम किसान सम्मान निधि की फाइल पर हस्ताक्षर करके किया। यह इस बात का सीधा सबूत है कि इस सरकार के लिए गरीब, किसान, युवा और महिलाएं ही सबसे पहले आते हैं।

O मोदी सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के मंत्र को सिर्फ एक नारा नहीं रहने दिया, बल्कि इसे एक जनआंदोलन बना दिया है। सरकार का एक लक्ष्य रहा है कि हर योजना का 100% लाभ कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक पहुँचे। इसी का नतीजा है कि बीते सालों में करीब 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकल चुके हैं।

O भ्रष्टाचार की राजनीति खत्म हो रही है और वहाँ के लोगों को उनका हक मिल रहा है। संक्षेप में कहें, तो मोदी सरकार के विगत 12 वर्ष सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि एक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के सपने को सच करने का एक शानदार सफर है।

O सरकार ने जन-धन योजना के तहत 58 करोड़ से ज्यादा बैंक खाते खोले जिनमें 32 करोड़ से ज्यादा खाते सिर्फ महिलाओं के हैं।

ओ कोरोना जैसी महामारी के मुश्किल वक्त से लेकर अब तक 81 करोड़ से ज्यादा देशवासियों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है।

O इलाज के खर्च से गरीब को बचाने के लिए आयुष्मान भारत योजना में 60 करोड़ से ज्यादा हेल्थ कार्ड बने जिससे मुफ्त इलाज की गारंटी मिलती है।

O प्रधानमंत्री सुरक्षित बीमा योजना से भी 58 करोड़ से ज्यादा लोगों को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिला है।

O गरीबों के जीवन को आसान बनाने के लिए पीएम आवास योजना के तहत 4 करोड़ से ज्यादा परिवारों को अपने मकान दिए गए हैं।

Oउज्ज्वला योजना के जरिए 11 करोड़ महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन देकर चूल्हे की आजादी दी गई है।

O गांवों के विकास के लिए जल जीवन मिशन के तहत 16 करोड़ से ज्यादा घरों तक नल से साफ पानी पहुंचा चुका है। वहीं स्वच्छ भारत मिशन के तहत 12 करोड़ से ज्यादा शौचालय बनाकर देश में स्वच्छता की क्रांति लाई गई है।

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