भिलाई : भिलाई स्टील प्लांट (BSP) से करोड़ों रुपये के लोहा चोरी मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करीब 250 टन लोहे की चोरी के कथित मास्टरमाइंड और फरार ट्रांसपोर्टर संजय सिंह को उसके साथी उपेंद्र ओझा के साथ उत्तर प्रदेश के देवरिया से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।
इस बहुचर्चित मामले में इससे पहले 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद पुलिस को मामले में और बड़े खुलासों की उम्मीद है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि भिलाई स्टील प्लांट से चोरी किए गए लोहे को ट्रकों में लादकर उसके ऊपर फ्लू डस्ट और राख की परत बिछा दी जाती थी, ताकि किसी को शक न हो। इसके बाद हथखोज स्थित ए.के. ट्रेडर्स में इसे स्क्रैप के रूप में खपाया जाता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के नीचे छिपाई गई लोहे की प्लेटें और बीम कटिंग बरामद की थीं। मौके से जेसीबी, हाइड्रा, चैन माउंटिंग मशीन सहित कई भारी वाहन भी जब्त किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, पिछले चार से पांच महीनों से यह संगठित गिरोह लगातार BSP से स्क्रैप चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। 250 टन लोहे और कई भारी वाहनों की जब्ती के बाद अब मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी से जांच और तेज हो गई है।
पुलिस का कहना है कि 322 करोड़ रुपये के कथित लोहा चोरी मामले में आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं तथा अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।






