11 माह से प्रभारी के भरोसे चल रहा आरईएस विभाग, नियमों पर उठ रहे सवाल

बालोद :- ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग (आरईएस) बालोद में पिछले करीब 11 महीनों से कार्यपालन अभियंता का प्रभार सहायक अभियंता के पास होने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। विभागीय नियमों के अनुसार इस पद पर नियमित नियुक्ति होना जरूरी माना जाता है, लेकिन लंबे समय से व्यवस्था प्रभारी के भरोसे संचालित हो रही है।

जानकारी के अनुसार जिला पंचायत सीईओ द्वारा सहायक अभियंता को कार्यपालन अभियंता का प्रभार सौंपा गया था। हालांकि यह व्यवस्था अस्थायी मानी जाती है, लेकिन इतने लंबे समय तक इसे जारी रखना नियमों के पालन पर सवाल खड़े कर रहा है।

सूत्रों का कहना है कि कार्यपालन अभियंता स्तर के अधिकारों के तहत विभाग में करोड़ों रुपये के टेंडर जारी किए जा चुके हैं। जबकि नियमों के मुताबिक कुछ महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय निर्णय नियमित नियुक्त अधिकारी द्वारा लिए जाने चाहिए।

विभागीय हलकों में यह भी चर्चा है कि लंबे समय तक प्रभारी व्यवस्था बनाए रखने से कई प्रक्रियाओं में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। वहीं ठेकेदारों के बीच भी इस बात को लेकर असमंजस बना हुआ है कि टेंडर प्रक्रिया और निर्णय किस स्तर पर लिए जा रहे हैं।

मामले को लेकर यह भी सवाल उठ रहे हैं कि आखिर नियमित नियुक्ति में देरी क्यों हो रही है और क्या शासन स्तर पर इस दिशा में कोई ठोस पहल की जाएगी। फिलहाल यह पूरा मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों के पालन को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

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