रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में इन दिनों सहायक शिक्षकों से शिक्षक पद पर होने वाली पदोन्नति (प्रमोशन) को लेकर भारी गतिरोध और संशय की स्थिति बनी हुई है। स्थिति यह है कि विभाग न तो स्पष्ट रूप से बिना टीईटी (TET) वालों को बाहर कर पा रहा है और न ही केवल टीईटी पास शिक्षकों की सूची को अंतिम रूप दे पा रहा है।इस संशय की शुरुआत तब हुई जब बस्तर संभाग में बिना टीईटी के दी गई पदोन्नति पर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी। इसके तुरंत बाद बालोदाबाजार-भाटापारा के जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने आदेश निकाला कि बिना टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को प्रमोशन लिस्ट से बाहर रखा जाएगा। इन फैसलों के बाद से पूरे प्रदेश के प्रशासनिक अमले और शिक्षक संगठनों में खलबली मची हुई है।
पक्ष-विपक्ष: दोनों ओर के अपने-अपने तर्क टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों का मोर्चा: दुर्ग और अन्य संभागों में ‘टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक साझा मंच’ लगातार संयुक्त संचालकों को ज्ञापन सौंप रहा है। उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर 2025 के अपने आदेश में साफ किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा और कक्षा 1 से 8 तक के अध्यापन व पदोन्नति के लिए टीईटी अनिवार्य है। इसलिए वरिष्ठता सूची में टीईटी का कॉलम अनिवार्य रूप से जोड़ा जाए।वरिष्ठ व बिना टीईटी शिक्षकों की दलील: शालेय शिक्षक संघ और अन्य संगठनों का कहना है कि वर्ष 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों की भर्ती के समय टीईटी का कोई अस्तित्व नहीं था। इतने वर्षों की सेवा और अनुभव के बाद अब करियर के इस पड़ाव पर उन पर टीईटी थोपना उनके साथ अन्याय है। संगठनों ने सरकार से सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर करने की मांग की है।
इस महा-संशय से जुड़े 6 प्रमुख प्रश्न
पदोन्नति की राह देख रहे छत्तीसगढ़ के 80 हजार से अधिक इन-सर्विस शिक्षकों के मन में इस समय कई अनुत्तरित प्रश्न तैर रहे हैं:
प्रश्न 1: क्या बिना टीईटी (TET) वाले शिक्षकों का प्रमोशन पूरी तरह रुक जाएगा?
स्थिति: वर्तमान कानूनी पेचीदगियों को देखते हुए बिना टीईटी वाले शिक्षकों को सीधे पदोन्नति देना विभाग के लिए नामुमकिन नजर आ रहा है क्योंकि हाई कोर्ट इसे ‘त्रुटिपूर्ण’ मानकर खारिज कर चुका है। हालांकि, विभाग ने अभी तक राज्य स्तर पर बिना टीईटी वालों को पूरी तरह अयोग्य घोषित करने का कोई एकमुश्त आदेश जारी नहीं किया है, जिससे असमंजस और बढ़ गया है।
प्रश्न 2: टीईटी उत्तीर्ण जूनियर शिक्षक क्या सीनियर शिक्षकों से पहले प्रमोट हो जाएंगे?
स्थिति: यही सबसे बड़ा संशय है। यदि विभाग केवल टीईटी योग्यता को अनिवार्य मानकर सूची बनाता है, तो कई जूनियर शिक्षक (जो टीईटी पास हैं) अपने सीनियरों को पछाड़कर आगे निकल जाएंगे। वरिष्ठ शिक्षक इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं क्योंकि इससे उनकी सेवा अवधि की वरिष्ठता खत्म हो जाएगी।
प्रश्न 3: क्या 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से कोई छूट मिल सकती है?
स्थिति: शिक्षक संगठन लगातार मांग कर रहे हैं कि एनसीटीई (NCTE) के पुराने नियमों के तहत पुराने नियुक्त शिक्षकों को इस दायरे से बाहर रखा जाए। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के हालिया रुख के बाद राज्य सरकार बिना कानूनी राय या विशेष संशोधन के अपने स्तर पर ऐसी कोई छूट देने का जोखिम नहीं उठा पा रही है।
प्रश्न 4: ‘सीमित विभागीय टीईटी परीक्षा’ (Departmental TET) का प्रस्ताव क्या है?
स्थिति: संशय को खत्म करने के लिए छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को एक व्यावहारिक प्रस्ताव दिया है। इसके तहत इन-सर्विस शिक्षकों के लिए एक अलग, सरल और उनके सेवा-अनुभव पर आधारित ‘सीमित विभागीय परीक्षा’ कराई जाए, जिसमें उम्र की छूट हो। विभाग ने इसके सकारात्मक संकेत तो दिए हैं, लेकिन परीक्षा कब होगी और तब तक प्रमोशन रुके रहेंगे या नहीं, इस पर चुप्पी है।
प्रश्न 5: अब आगे शिक्षा विभाग और सरकार का क्या कदम हो सकता है?
स्थिति: विभाग वर्तमान में सभी 33 जिलों से टीईटी और नॉन-टीईटी शिक्षकों का जिलेवार डेटा एकत्र कर रहा है। सरकार बीच का रास्ता निकालने की कोशिश में है ताकि न तो कोर्ट के आदेश की अवहेलना हो और न ही वरिष्ठ शिक्षकों में आक्रोश फैले। संभावना है कि महाधिवक्ता (AG) से विधिक सलाह लेने के बाद ही राज्य स्तर पर कोई नीतिगत फैसला घोषित किया जाएगा।
प्रश्न 6पदोन्नति के लिए किस पद का टीईटी उत्तीर्ण होना जरूरी है?
स्थिति :पदोन्नति (प्रमोशन) के लिए दोनों पेपर (Paper 1 और Paper 2) पास होना जरूरी नहीं है। आपको केवल उसी स्तर का TET पास होना अनिवार्य है, जिस पद पर आपका प्रमोशन होने जा रहा है।सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) के नियमानुसार पात्रता इस प्रकार तय होती है:
1. किस पद के लिए कौन सा पेपर जरूरी है?
मिडिल स्कूल शिक्षक / उच्च वर्ग शिक्षक (कक्षा 6 से 8): यदि आप सहायक शिक्षक (Primary) से प्रमोट होकर उच्च प्राथमिक स्तर (Middle School) के शिक्षक बन रहे हैं, तो आपके पास TET पेपर-2 (Paper II) उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
पर कुछ शिक्षाविदों का कहना है कि सहायक शिक्षक से शिक्षक में पदोन्नति के लिए टीईटी की प्राथमिक और मिडिल दोनों परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा क्यों कि यदि आप प्राथमिक टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं किए है तो आपकी सेवा अस्थाई है और मिडिल टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं किए है तो आप उस पद में पदोन्नति के लिए पात्र ही नहीं है।
प्राथमिक शाला प्रधान पाठक (Headmaster Primary): यदि सहायक शिक्षक से प्राथमिक स्कूल के ही प्रधान पाठक पद पर प्रमोशन हो रहा है, तो आपके पास TET पेपर-1 (Paper I) क्लियर होना चाहिए।
2. नियम का मुख्य सार
दोनों पेपर केवल उन नए अभ्यर्थियों के लिए आवश्यक होते हैं जो कक्षा 1 से 8 दोनों स्तरों पर सीधी भर्ती के लिए आवेदन करते हैं।पदोन्नति के मामले में, आप जिस विशिष्ट विंग (Primary या Upper Primary) के लिए प्रमोट हो रहे हैं, केवल उसी प्रासंगिक पेपर की योग्यता देखी जाएगी। उदाहरण के लिए, मिडिल स्कूल में प्रमोशन के लिए पेपर-1 पास होना कोई मायने नहीं रखता, वहां सिर्फ पेपर-2 की शीट ही मान्य होगी।






