दुर्ग : जिले के ग्राम ढौर में प्रस्तावित चूना पत्थर खदान को लेकर गुरुवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने खदान के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे जनसुनवाई के दौरान कई बार तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
जनसुनवाई शुरू होते ही गांव के युवा, बुजुर्ग और महिलाएं खदान का विरोध करते हुए सभा स्थल पर प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों ने खदान के पक्ष में अपनी सहमति जताई, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और हंगामा शुरू हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराया और जनसुनवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
विरोध कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि यदि नई चूना पत्थर खदान शुरू होती है तो खेती-किसानी पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। साथ ही पर्यावरण को नुकसान होगा और क्षेत्र के जल स्रोतों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि आसपास पहले से संचालित चूना पत्थर खदानों में होने वाली ब्लास्टिंग के कारण कई मकानों में दरारें आ चुकी हैं। उनका कहना है कि लगातार विस्फोट होने से भूजल स्तर भी नीचे चला गया है, जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्या बढ़ रही है। इसी वजह से वे नई खदान का विरोध कर रहे हैं।
वहीं ग्राम पंचायत ढौर की सरपंच ने कहा कि इस मुद्दे पर गांव के अधिकांश नागरिक जो निर्णय लेंगे, वही उनका भी निर्णय होगा। यदि ग्रामीण बहुमत से खदान के पक्ष में सहमति देंगे तो वे भी उसी के अनुरूप अपना समर्थन देंगी।
जनसुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बातें प्रशासन के समक्ष रखीं। अब संबंधित विभाग जनसुनवाई में प्राप्त सुझावों और आपत्तियों के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय करेगा।






