महासमुंद (रिपोर्टर संतन दास मानिकपुरी)। जिले में बिना पंजीयन एवं मान्यता के संचालित हो रही अवैध शैक्षणिक संस्था गोल्डन पब्लिक स्कुल जो की पिथौरा ब्लाक के ग्राम सालडीह में संचालित है और यहां नर्सरी से 8वीं तक बच्चों की पढ़ाई का पोस्टर लगाया गया है ।
उक्त निजी स्कूल छत्तीसगढ़ गैर सरकारी विद्यालय अधिनियम 2002,
RTE Act 2009 तथा छत्तीसगढ़ RTE Rules 2010 में निर्धारित मानकों का उल्लंघन कर संचालित हो रहा है।
ऐसे अवैध संचालित शैक्षणिक संस्था पर लागू होने वाले प्रमुख कानूनी प्रावधान धारा 18, RTE Act 2009 अनुसार बिना मान्यता के कोई भी निजी विद्यालय स्थापित या संचालित नहीं किया जा सकता। उल्लंघन की स्थिति में
संस्था के प्रति एक लाख 1,00,000 तक का जुर्माना और लगातार उल्लंघन पर प्रतिदिन 10,000 के दंड से दंडित किया जा सकता है।
धारा 19, RTE Act 2009 अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए विद्यालय को भवन, शिक्षक, पुस्तकालय, खेलकूद, स्वच्छता एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की न्यूनतम शर्तें पूरी करनी होती हैं। छत्तीसगढ़ RTE Rules 2010 मान्यता के लिए विद्यालय को स्वयं घोषणा देनी होती है कि वह सभी शर्तों का पालन कर रहा है। बिना मान्यता संचालन करने पर शिक्षा विभाग द्वारा कार्यवाही किए जाने का प्रावधान है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे सभी अवैध शैक्षणिक संस्था की सूची तैयार कर निरीक्षण समिति गठित की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस पर खण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा पिछले वर्ष भी जाँच कर सील किया जा चूका और इस वर्ष भी जांच कर स्कुल को बंद करने का निर्देश भी दिया है।
- आखिर इस स्कुल के पीछे कौन सी ताकत है जो शासन को कार्यवाही करने से रोक रहा है।
खण्ड शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि
मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच समिति गठित कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
पर कब।
अब सवाल यह उठता है कि जब पंजीयन की प्रक्रिया पूरी हुई ही नहीं है, तो किस आधार पर यह स्कूल संचालित हो रहा है और बच्चों का भविष्य को दांव पर क्यों लगाया जा रहा है ?
कानूनी प्रावधानो पर बात करे कि RTE Act 2009, धारा 18, बिना मान्यता के विद्यालय तथा स्कूल नहीं कहलाते यदि ऐसा कोई बिना पंजीयन के किसी संस्था का नाम लिखकर प्रचार–प्रसार करते पाया जाता है तो 1 लाख जुर्माना तथा प्रतिदिन 10,000 तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
RTE Act 2009,धारा 19 अनुसार भवन, शिक्षक, स्वच्छता, पुस्तकालय आदि मानक मान्यता रद्द किए जाने का प्रावधान है तथा शिकायत के आधार पर छत्तीसगढ़ RTE Rules 2010 निरीक्षण समिति द्वारा अवैध संचालन पर बंद व कानूनी कार्रवाई करने बाध्य हैं।अवैध संचालित शैक्षणिक संस्थानों की सूची अनुसार।
आखिर किसका संरक्षण मे यह स्कुल बिना रोक टोक के संचालित हो रहा है।






