मुंगेली। रिपोर्टर: संदीप यादव।मुंगेली जिले के लिए गर्व की बात है कि यहां से केंद्र में वर्तमान केंद्रीय मंत्री, राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री और क्षेत्र से पूर्व कैबिनेट मंत्री पुन्नूलाल मोहले जो वर्तमान में विधायक भी हैं, जैसे बड़े-बड़े बीजेपी के नेता हैं। राज्य में भी डबल इंजन की बीजेपी सरकार है।
इसके बावजूद मुंगेली की धरोहर कहे जाने वाले ऐतिहासिक खर्राघाट क्षेत्र आज भी विकास से अछूता है।
खर्राघाट क्षेत्र वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। यहां स्थित प्राचीन _गणेश्वर महादेव मंदिर, राधा-कृष्ण मंदिर और अघोर आश्रम_ की ख्याति दूर-दूर तक है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर यहां विशाल मेला लगता है जिसमें जिले भर से ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
*सावन माह में तो खर्राघाट आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है।* पूरे सावन भर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। कावड़िए और शिवभक्त जलाभिषेक के लिए दूर-दूर से आते हैं।
- पर्यटन के नाम पर उपेक्षा और अव्यवस्था
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि जिले के अन्य पर्यटन स्थलों की तुलना में खर्राघाट क्षेत्र सबसे ज्यादा पिछड़ा हुआ है। _मुंगेली की इस धरोहर_ को आज तक वो सम्मान नहीं मिल पाया जिसके वो हकदार हैं।
मेला के दौरान, सावन माह और अन्य दिनों में भी श्रद्धालुओं को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। क्षेत्र में अब तक पेयजल, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय और श्रद्धालुओं के ठहरने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। बरसात के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है।
सबसे बड़ी विडंबना ये है कि मंदिर परिसर के पास ही शराब दुकान संचालित है। जिससे शाम होते ही शराबियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। शराब की डिस्पोजल, पानी पाउच और चखना जैसी चीजों का उपयोग कर वहीं फेंक दिया जाता है, जिससे पूरे क्षेत्र में गंदगी फैलती है और धार्मिक स्थल की पवित्रता भंग होती है।
- सवालों के घेरे में विकास
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब जिले से केंद्र, राज्य और स्थानीय स्तर पर सभी जनप्रतिनिधि एक ही पार्टी के हैं और सरकार भी बीजेपी की है, तो फिर _मुंगेली की इस ऐतिहासिक धरोहर_ खर्राघाट के विकास पर ध्यान क्यों नहीं दिया जा रहा।
स्थानीय युवाओं ने कहा कि खर्राघाट में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। अगर विकास से अछूते इस क्षेत्र का विकास किया जाए तो न सिर्फ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि मुंगेली की धरोहर खर्राघाट क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाकर इसका समुचित विकास किया जाए। मंदिरों के जीर्णोद्धार, पहुंच मार्ग, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और धार्मिक स्थल के पास से शराब दुकान हटाई जाए ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।






