राजकुमार अग्रवाल ,महासमुंद :- रक्षाबंधन पर्व के पहले छत्तीसगढ़ में देशभक्ति और भाईचारे की अद्भुत मिसाल पेश की गई । महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड की महतारी वंदन हितग्राही/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओ ने सीमाओं पर तैनात देश के जाबाज सैनिकों के लिए रक्षासूत्र और भावनाओं से भरे पत्र भेजकर यह जताया कि उनका रक्षक सिर्फ उनका भाई ही नहीं, बल्कि सरहद पर डटे वीर जवान भी हैं । यह पहल न केवल रक्षाबंधन को एक नया आयाम देती है, बल्कि देश के प्रति नागरिक जिम्मेदारी और भावनात्मक एकजुटता का भी परिचायक है। छत्तीसगढ़ की धरती से उठी यह आत्मीय भावना एक संदेश है। उनकी कलाई पर बंधा रक्षासूत्र पूरे भारत की बहनों की प्रार्थना का प्रतीक होगा।
महतारी वंदन योजना से लाभान्वित महिलाये व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका ने रक्षासूत्रों को महिला बाल विकास विभाग सरायपाली को सौंपते हुए आग्रह किया कि ये निश्छल भावनाएं सीमा पर तैनात जवानों तक जरूर पहुंचवाएं ।
श्रीमती दीक्षा बारीक प्रशासनिक अधिकारी महिला बाल विकास सरायपाली ने महिलाओं के इस स्नेह और समर्पण की सराहना करते हुए कहा, हम देश के भीतर तब ही सुरक्षित रह सकते हैं, जब सीमा पर हमारे सैनिक रात-दिन डटे रहते हैं। इन रक्षासूत्रों में नारी शक्ति की दुआएं और कृतज्ञता छिपी है, जो हमारे सैनिकों के मनोबल को और ऊंचा करेगी। उन्होंने वादा किया कि उनका पत्र और हर रक्षासूत्र वीर सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा ।
उन्होंने कहा, जो सैनिक अपने प्राणों की परवाह किए बिना देश की सुरक्षा में लगे हैं, उनके लिए हर नागरिक के दिल में आदर और स्नेह होना चाहिए।






