रायपुर में सूदखोर के दबाव से महिला ने खाया जहर

रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में कथित अवैध साहूकारी और ब्याज के पैसों को लेकर महिला द्वारा जहर खाने का मामला सामने आया है। मोदहापारा निवासी रजिया बेगम ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिसके बाद उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। महिला को उपचार के लिए रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी है। बताया जा रहा है कि महिला ने लंबे समय से ब्याज की रकम चुकाने के बावजूद लगातार परेशान किए जाने का आरोप लगाया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला का आरोप है कि कुछ लोगों से लिए गए पैसों के बदले वह कई वर्षों से ब्याज चुका रही थी। इसके बावजूद कथित तौर पर संबंधित लोग घर पहुंचकर पैसों को लेकर दबाव बनाते और उसे परेशान करते थे।  मामले को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक, महिला ने जहर खाने से पहले कथित तौर पर एक सुसाइड नोट भी लिखा, जिसमें कई लोगों के नाम दर्ज होने की बात कही जा रही है। सुसाइड नोट में महिला ने साहूकारी और ब्याज की रकम को लेकर परेशान किए जाने का उल्लेख किया है। पुलिस अब इस नोट की जांच कर रही है और इसमें दर्ज नामों तथा आरोपों की सत्यता का पता लगाने में जुटी है। महिला की ओर से यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने करीब 6 तोला सोना देने के बावजूद कथित रूप से उसे परेशान किया जाता रहा। हालांकि, इस संबंध में सामने आए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि महिला और संबंधित लोगों के बीच पैसों का वास्तविक लेनदेन कितना था और ब्याज के नाम पर कितनी राशि ली गई। घटना के बाद महिला के परिजनों और परिचितों में चिंता का माहौल है। गंभीर हालत में महिला को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। डॉक्टरों की निगरानी में महिला की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। मामला मौदहापारा थाना क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। पुलिस महिला के परिजनों से पूछताछ कर रही है और सुसाइड नोट में लिखे गए नामों के संबंध में भी जानकारी एकत्र की जा रही है। इसके अलावा महिला द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़े दस्तावेज और कथित लेनदेन की भी जांच की जा सकती है। अवैध साहूकारी का मुद्दा लंबे समय से कई शहरों में चिंता का विषय रहा है। जरूरतमंद लोगों को ऊंची ब्याज दर पर रकम देने और समय पर भुगतान नहीं होने पर कथित तौर पर दबाव बनाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों में पुलिस और प्रशासन द्वारा कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती है। हालांकि, इस मामले में वास्तव में अवैध साहूकारी हुई है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस के सामने फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण चुनौती महिला के आरोपों की पुष्टि करना और घटना के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाना है। महिला के होश में आने और बयान दर्ज होने के बाद मामले की जांच को और दिशा मिलने की उम्मीद है। सुसाइड नोट में दर्ज नामों और आरोपों की भी पुलिस स्तर पर पुष्टि की जाएगी।

 

 

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