बलौदाबाजार(मोहन तिवारी)।प्रदेश के साथ ही बलौदाबाजार जिले के 70 हाई स्कूल और 134 हायर सेकंडरी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से पढ़ाई का तरीका बदला हुआ नजर आएगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने नया टाइम टेबल जारी करते हुए दैनिक शैक्षणिक गतिविधियों में कई अहम बदलाव किए हैं। स्कूल खुलने और छुट्टी का समय पहले की तरह सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक ही रहेगा, लेकिन पूरे दिन के कालखंडों का पुनर्गठन किया गया है। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि विद्यार्थियों का लंच ब्रेक 45 मिनट से घटाकर 30 मिनट कर दिया गया है, जबकि दोपहर में मिलने वाला 10 मिनट का दूसरा लघु अवकाश पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। बचाए गए समय का उपयोग अब सातवां पीरियड संचालित करने में किया जाएगा। बता दें िक ये जो सांतवा पीरियड होगा वह िवद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से बेहद खास होने वाला है।
विभाग के अनुसार दो पालियों में संचालित स्कूलों में भी इसी समयानुसार कालखंडों का विभाजन किया जाएगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखकर खेल, कला, तकनीक और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों से भी जोड़ना है।
सुबह की शुरुआत पहले की तरह 10 बजे से 10.15 बजे तक 15 मिनट की प्रार्थना सभा से होगी। इस दौरान राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान, दीप प्रार्थना मंत्र और सरस्वती वंदना का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद पहला पीरियड अब 50 मिनट के बजाय 45 मिनट का होगा। दूसरा पीरियड और पहला लघु अवकाश भी पहले की तुलना में पांच मिनट पहले शुरू होंगे। तीसरा और चौथा पीरियड भी इसी क्रम में पांच-पांच मिनट पहले संचालित किए जाएंगे।
अब लंच ब्रेक 45 मिनट की जगह 30 मिनट का होगा: दोपहर के भोजन अवकाश में सबसे बड़ा बदलाव किया गया है। पहले छात्रों को दोपहर 1.30 बजे से 2.15 बजे तक 45 मिनट का लंच ब्रेक मिलता था, जिसे अब घटाकर 1.25 बजे से 1.55 बजे तक केवल 30 मिनट कर दिया गया है। इसके बाद पांचवां पीरियड पहले की तुलना में 20 मिनट पहले शुरू होगा। वहीं कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए छठे और सातवें दोनों कालखंडों का उपयोग पुस्तकालय अध्ययन, आईसीटी, प्रैक्टिकल, प्रोजेक्ट वर्क, करियर काउंसिलिंग, व्यक्तित्व विकास तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
विभाग का मानना है कि नई समय-सारिणी से विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ व्यवहारिक ज्ञान और कौशल विकास का भी बेहतर अवसर मिलेगा। जिला शिक्षा अधिकारी केएस मरावी ने कहा, “नई समय-सारिणी का उद्देश्य विद्यार्थियों का समग्र विकास करना है। अतिरिक्त सातवें पीरियड में केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि खेलकूद, पुस्तकालय, कंप्यूटर, कला, प्रायोगिक गतिविधियों, करियर काउंिसलिंग और व्यक्तित्व विकास जैसी गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।














