- गांव के सचिव-उपाध्यक्ष ने कहा “योगेश्वर निर्दोष है”, DGP कार्यालय में शिकायत का पता नहीं – जांच कहां अटकी?
रिपोर्टर संतन दास मानिकपुरी, गरियाबंद।फिंगेश्वर थाना क्षेत्र के ग्राम फुलझर निवासी योगेश्वर साहू पिता डीहूराम साहू के साथ अन्याय का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। साहू का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने उन्हें फर्जी तरीके से SC/ST एक्ट में फंसाया है।
इस मामले में पीड़ित ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर 2 माह पहले पुलिस महानिदेशक कार्यालय को स्पीड पोस्ट से आवेदन भेजा था। लेकिन आज तक न तो कार्रवाई हुई और न ही फाइल का पता चल पा रहा है।

*बयान में निर्दोष बताया, फिर भी कार्रवाई नहीं*
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस पूरे मामले में एडिशनल एसपी के समक्ष भी बयान दर्ज किए जा चुके हैं। बयान में *गांव के सचिव और उपाध्यक्ष ने स्पष्ट कहा है कि योगेश्वर साहू निर्दोष है और वह गांव के विकास के लिए कार्य करता है।
लेकिन पीड़ित का कहना है कि _”मुझे यह तक पता नहीं कि मेरा बयान किस शिकायत के आधार पर लिया गया है। फाइल कहां है, किस टेबल पर है, कोई बताने को तैयार नहीं”_।
योगेश्वर साहू ने बताया कि आवेदन उन्होंने *स्पीड पोस्ट क्रमांक EC127315522IN* से लोहरसी डाकघर से भेजा था। डाकिया कह रहा है “रायपुर भेज दिया”। वहीं *DGP कार्यालय की अधिकारी सुजाता* कह रही हैं “आवेदन मिला ही नहीं”।
*”गांव के विकास के लिए काम करता हूं, मुझे फंसाया जा रहा”*
पीड़ित का कहना है कि वह पिछले 15 वर्ष से गांव के विकास के लिए काम करते आए हैं वन संरक्षण,जलसंरक्षण शराब बंदी रोजगार की समस्या को लेकर हमेशा से आवाज उठाते आए हैं एवं रेडियो अखबार सोशल मीडिया के मिडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक करते आए हैं।
इसलिए गांव के कुछ लोग मेरे खिलाफ बार बार फर्जी शिकायत करते उनको मेरा काम देखा नहीं जाता है फर्जी केस में फंसाया जा रहा है।
दो माह से न्याय के लिए भटक रहे साहू ने अब *कलेक्टर और एसपी* से गुहार लगाई है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा दी जाए।
फिलहाल सवाल यही है कि *जब एडिशनल एसपी तक बयान हो चुका है, गांव के जिम्मेदार लोग निर्दोष बता रहे हैं, तो फिर फाइल गुम कैसे हो गई?*















