एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 का शुभारंभ, उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैगाकापा में किया पौधरोपण

  • वृक्ष मित्र वाहन को दिखाई हरी झंडी, पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील

मुंगेली। रिपोर्टर: संदीप यादव।पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जन आंदोलन बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को लोरमी विकासखण्ड के ग्राम बैगाकापा में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान 3.0 का शुभारंभ किया गया।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने शासकीय हाई स्कूल परिसर में कल्पवृक्ष का पौधा लगाकर वन महोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान कलेक्टर कुंदन कुमार ने सीता अशोक, वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीकांत पाण्डेय और जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने भी पौधरोपण किया।

कार्यक्रम में नागरिकों, विद्यार्थियों और जनप्रतिनिधियों से अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया गया। स्कूल के विद्यार्थियों और पर्यावरण स्वयंसेवकों ने सीड बॉल निर्माण का प्रदर्शन कर इसके महत्व की जानकारी दी।

*वृक्ष मित्र वाहन को हरी झंडी*

उप मुख्यमंत्री ने पर्यावरण जागरूकता के लिए ‘वृक्ष मित्र वाहन’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांवों-शहरों में जाकर नीम, मुनगा, बिही, जामुन आदि के पौधे वितरित कर नागरिकों को पौधारोपण के लिए प्रोत्साहित करेगी।

*जलवायु परिवर्तन बड़ी चुनौती* 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि जलवायु परिवर्तन आज वैश्विक चुनौती है। इससे निपटने के लिए वृक्षारोपण के साथ वर्षा जल संरक्षण भी जरूरी है। प्रकृति के संतुलन के लिए पेड़, पानी और पर्यावरण का संरक्षण आवश्यक है। उन्होंने कहा कि गर्मी में जल संकट से बचने के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण और जल संरक्षण किया जाए।

उन्होंने बताया कि बैगाकापा में लगभग 21 लाख रुपये के विकास कार्य पूर्ण हो चुके हैं। 1 करोड़ 21 लाख की लागत से नवीन माध्यमिक शाला भवन का निर्माण प्रगति पर है। पंचायत भवन और मिडिल स्कूल की स्वीकृति भी मिल गई है। उन्होंने जी-राम योजना के तहत मुक्तिधाम और शौचालय निर्माण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

*पौधों का संरक्षण भी जरूरी* 

कलेक्टर कुंदन कुमार ने कहा कि पेड़-पौधे पृथ्वी के जीवन चक्र का आधार हैं। बदलते मौसम और अनियमित वर्षा जलवायु परिवर्तन के संकेत हैं। ऐसे में केवल पौधा लगाने के साथ उसकी नियमित देखभाल करना भी हर नागरिक का दायित्व है।

वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार ने कहा कि अब समय केवल बात करने का नहीं, धरातल पर काम करने का है। भारतीय संस्कृति में पीपल, बरगद, नीम, आम और कल्पवृक्ष जैसे वृक्ष जीवनदायी हैं। उन्होंने जन्मदिन, विवाह और अन्य अवसरों पर पौधरोपण को परंपरा बनाने की अपील की।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया।

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