क्रमोन्नत बनाम समयमान वेतनमान – शिक्षकों के लिए क्या चुनना रहेगा सही? जानें

छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 31 मार्च 2026 तक नियुक्त शिक्षकों और सरकारी कर्मचारियों को क्रमोन्नत वेतनमान और समयमान वेतनमान  में से किसी एक विकल्प को चुनने का अंतिम अवसर दिया गया है।

शिक्षकों के लिए क्या चुनना रहेगा सही?

1. मूल अंतर: पद का वेतनमान बनाम सेवा अवधि का स्तरक्रमोन्नत वेतनमान: इसमें एक ही पद पर निर्धारित अवधि (जैसे 10 या 12 वर्ष) पूरी होने पर, भले ही पदोन्नति न मिले, लेकिन कर्मचारी को सीधे उच्च पद का वेतनमान और वित्तीय लाभ मिलने लगता है।समयमान वेतनमान: इसमें सेवा अवधि के आधार पर वित्त विभाग द्वारा तय अगला वेतन स्तर (पे मैट्रिक्स लेवल) दिया जाता है। यह जरूरी नहीं कि वह उच्च पद के बराबर ही हो।

2. सहायक शिक्षकों (Assistant Teachers) के लिए गणित (Level-6)समयमान का गणित: वर्तमान में यदि कोई सहायक शिक्षक लेवल-6 (ग्रेड पे 2400) पर है, तो प्रथम समयमान में वह लेवल-7 (ग्रेड पे 2800) और द्वितीय समयमान में लेवल-8 (ग्रेड पे 4200) पर पहुँचेगा।

क्रमोन्नति का गणित: क्रमोन्नति का विकल्प चुनने पर सहायक शिक्षक सीधे प्रथम क्रमोन्नत में लेवल-8 (ग्रेड पे 4200) और द्वितीय क्रमोन्नत में लेवल-9 (ग्रेड पे 4300) का हकदार हो जाता है।

निष्कर्ष: वित्तीय दृष्टिकोण से सहायक शिक्षकों के लिए क्रमोन्नत वेतनमान का विकल्प अधिक फायदेमंद साबित हो रहा है।

3. व्याख्याता (Lecturers) और उच्च संवर्ग का अंतरसमयमान का लाभ: सामान्यतः समयमान वेतनमान (10, 20 और 30 वर्ष की सेवा पर) द्वितीय श्रेणी या उससे उच्च पदों (जैसे व्याख्याता) के लिए सीधे तौर पर सुलभ और गणना में आसान रहता है।

क्रमोन्नति का लाभ: तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों (जैसे सहायक शिक्षक और शिक्षक) के लिए क्रमोन्नति (12, 24 वर्ष की सेवा पर) अधिक लाभप्रद मानी जाती है।

4. शिक्षक संगठनों की चिंता और विसंगति

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन के अनुसार, सहायक शिक्षकों के लिए त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का कोई स्पष्ट अलग आदेश पूर्व में जारी नहीं हुआ था।यदि शिक्षक क्रमोन्नति चुनते हैं, तो उन्हें अन्य सिविल सेवा कर्मचारियों की तरह तृतीय उच्चतर वेतनमान की विसंगति का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, वर्तमान पे-मैट्रिक्स के हिसाब से शुरुआती स्तरों पर क्रमोन्नति का पलड़ा भारी है।

5. विकल्प न चुनने पर क्या होगा?

यदि कोई शिक्षक तय समय-सीमा के भीतर अपने विकल्प का फॉर्म विभाग को जमा नहीं करता है, तो सरकार उसे स्वतः (By Default) क्रमोन्नति योजना में शामिल मान लेगी।⚠️

ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातेंविकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय: एक बार फॉर्म में जो भी विकल्प (क्रमोन्नत या समयमान) चुन लिया गया, उसे भविष्य में किसी भी स्थिति में बदला नहीं जा सकेगा। भविष्य के सभी वित्तीय लाभ इसी आधार पर तय होंगे।नए शिक्षकों के लिए कोई विकल्प नहीं: जो शिक्षक या कर्मचारी 1 अप्रैल 2026 या उसके बाद नियुक्त हुए हैं, उनके लिए क्रमोन्नति पूरी तरह बंद कर दी गई है। उन्हें अनिवार्य रूप से केवल समयमान वेतनमान का ही लाभ मिलेगा।

अंतिम सलाह: शिक्षकों को अपने वर्तमान पे-लेवल, कुल सेवा अवधि और रिटायरमेंट के बचे वर्षों के आधार पर अपने संकुल/विभाग के डीडीओ (DDO) या शिक्षक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों से व्यक्तिगत वेतन पर्ची (Pay Slip) का मिलान कराकर ही अंतिम निर्णय लेना चाहिए।

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